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सोमेश्वर पुलिस की सघन कांबिंग का सुखद परिणाम, लापता 04 गुमशुदा नाबालिग बच्चों को जंगल से किया सकुशल बरामद, परिजनों ने जताया आभार

आईरा न्यूज़ नेटवर्क सोमेश्वर से राजेश सिंघल

सोमेश्वर थाना क्षेत्र का दुर्गम ग्राम कांटली जो सोमेश्वर से लगभग 30 कि0मी0 दूर है तथा पिनाकेश्वर के जंगलो से लगा हुआ है। जहाँ नेपाली मूल के एक व्यक्ति कर्ण बहादुर खत्री अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ रहता है। इन तीनो बच्चों की माँ 02 वर्ष पूर्व इनको छोड़ कर कही चली गयी है

गुमशुदा बच्चों की खोज के लिए पुलिस ने दिखाई तत्परता

22 नवम्बर कर्ण बहादुर ने किसी बात पर अपने बच्चों को डाँटा-फटकारा, जिससे बच्चे नाराज होकर घर से नेपाल जाने की योजना बना रहे थे, दिनांक 22 नवम्बर को बच्चों का पिता कर्ण बहादुर काम पर निकला तो बच्चों ने मौका देखकर घर से निकलने की सोची और घर से अपने पड़ोसी जगदीश राम की 10 वर्षीय बेटी को साथ लेकर पिनाकेश्वर के जंगलो की ओर निकल पड़े, शाम के समय करीब 5.00 बजे जब कर्ण बहादुर काम से घर लौटा तो अपने बच्चों को घर पर न पाकर घबरा गया। आस-पड़ोस में पूछताछ की तो पता चला की पड़ोसी जगदीश राम की बेटी भी घर से गायब है। बच्चों के परिजनों व गाँव के लोगों ने आस-पास काफी ढूंढ खोज की परन्तु कही कुछ पता नही चल पाया। अंततः थक-हारकर कर्ण बहादुर खत्री व जगदीश राम ने थाना सोमेश्वर में अपने बच्चों के बिना बताये घर से गुम होने की सूचना थानाध्यक्ष सोमेश्वर को दी। थानाध्यक्ष सोमेश्वर द्वारा तत्काल घटनाक्रम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा को अवगत कराया गया, चार बच्चों का एक साथ गायब हो जाना अतिसंवेदनशील मामला था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा सोमेश्वर थानाध्यक्ष विजय नेगी को तत्काल टीमों का गठन कर बच्चों की तलाश करने हेतु आदेशित किया गया।

बाघ के डर‌ से जंगल में टैंट में छिपे हुए थे बच्चे

थानाध्यक्ष विजय सिंह नेगी द्वारा बिना समय व्यर्थ किये स्वयं एवं म0उ0नि0 मोनी टम्टा के नेतृत्व में 02 अलग- अलग टीमों का गठन कर बच्चों की तलाश हेतु काँटली व पिनाकेश्वर के जंगलों में सघन कांबिंग अभियान चलाया। इस दौरान जंगल से पुलिस टीम को बाघ की गुर्राने की आवाज भी सुनाई दी, जिस पर पुलिस टीम को भी बच्चों के साथ किसी अनहोनी की आशंका होने लगी, पुलिस टीम बच्चों की ढूढ-खोज अभियान को जारी रख जंगल में आगे को बढते रही, तभी पुलिस टीम को दूरस्थ एक टैन्ट लगा हुआ दिखा, जहाँ पुलिस टीम ने जाकर देखा तो टैन्ट के अन्दर एक चारपाई रखी थी जिसके नीचे चारों बच्चे डरे सहमे छुपे हुये थे पुलिस टीम ने प्यार दुलार से बच्चों को अपने पास लिया और बच्चों से पूछताछ की तो बच्चों ने बताया कि वह अपने नानी के घर नेपाल जाने के लिए घर से निकले थे, जंगल में आते-आते रास्ता भटक गये थे और उन्हें एक बाघ दिखाई दिया जिसे देखकर हम काफी डर गये। जंगल में हमें टैन्ट दिखाई दिया तो हम बाघ के डर से टैन्ट में रखे चारपाई के नीचे छुप गये थे। बच्चे काफी भूखे व डरे हुए थे, बच्चों ने बताया कि रात से ही बाघ उनके टैन्ट के आस-पास ही घूम रहा था तथा कुछ देर टेन्ट के आगे बैठा भी था।

परिजनों ने जताया आभार– थानाध्यक्ष विजय सिंह नेगी व पुलिस टीम ने बच्चों को अपने साथ लेकर सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया। अपने बच्चों को सकुशल वापस पाकर परिजन अत्यधिक प्रसन्न हुये और उनकी आँखो से खुशी के आँसू छलक उठे। सोमेश्वर पुलिस द्वारा तत्परतापूर्वक की गयी कार्यवाही की परिजनों व प्रत्यक्षदर्शियों ने सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

अल्मोड़ा पुलिस की जनता से अपील– वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा द्वारा सोमेश्वर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के लिए पूरी पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। अल्मोड़ा पुलिस का जनपद की सम्मानित जनता से अनुरोध किया है कि अपने बच्चों को प्यार-दुलार से रखें, उनकी मानसिक स्थिति को समझते हुए उनसे व्यवहार करें।

पुलिस टीम रहीं शामिल

टीम प्रथम:- थानाध्यक्ष सोमेश्वर विजय सिंह नेगी, कॉन्स्टेबल अरविंद सिंह, कॉन्स्टेबल कुलदीप, कांस्टेबल सूरज, एचजी भुवन नाथ-थाना सोमेश्वर
टीम द्वितीय:- म0उ0नि0 मोनी टम्टा , एचसीपी विपिन जोशी-डॉयल 112, कांस्टेबल श्रवण सैनी, वेद प्रकाश, कांस्टेबल कुंदन वर्मा, डॉयल 112 6.एचजी दीपक
कुमार,थाना सोमेश्वर

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