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संसद में राहुल ने बुलंद की मणिपुर की आवाज, स्मृति ने किया पलटवार

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संसद में राहुल ने बुलंद की मणिपुर की आवाज, स्मृति ने किया पलटवार
रितेश सिन्हा
वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस का दूसरा दिन हंगामेदार रहा। खचाखच भरी लोकसभा में सभी सदस्य के साथ-साथ दर्शक दीर्घा में बैठक पत्रकार व राजनीतिक दलों के लोग भी इस पर नजर बनाए हुए थे। मंगलवार को कांग्रेस नेता गौरव गोगई ने सरकार पर मणिपुर मामले में हमला बोला था। बाद में निशिकांत दुबे लीपापोती करते नजर आए लेकिन गोगई के सवालों का सीधा जवाब देने से सदन में बचते रहे। आज लोकसभा में मोर्चा खोलते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मैंने पिछली बार जब बोला, तब आपको शायद कष्ट पहुंचा। जब मैंने इतनी जोर से अदाणी के बारे में बोला तो प्रधानमंत्री के साथ सत्ता पक्ष के सभी नेताओं को बेहद कष्ट हुआ। राहुल गांधी जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए, सदन में भारत छोड़ो के नारे लगे। राहुल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का लोकसभा के सांसद के रूप में बहाल करने के लिए धन्यवाद किया। पिछली बार मैंने अपने सवालों से सत्ता पक्ष को परेशानी किया था, लेकिन मैंने सच बोला था। राहुल ने आगे कहा कि आज मेरा भाषण अडानी पर केंद्रित नहीं है जिस पर सदन में शोर-शराबा हुआ।
राहुल ने अपने भाषण में कहा कि आज मैं दिमाग से नहीं बोलना चाह रहा, दिल से बोलना चाह रहा हूं। आज सत्ता पक्ष पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा। कांग्रेस सांसद ने भारत जोड़ो यात्रा के संस्मरण सदन के समक्ष साझा करते हुए कहा कि जब मैंने यात्रा शुरू की थी दो तीन दिन में मेरे घुटने में दर्द शुरू हो गया। हर कदम में दर्द। पहले दो तीन दिनों में जो अहंकार था, भेड़िया जो निकला था वो चींटी बन गया। राहुल ने कहा कि भारत यानी इंडिया इस देश के सब लोगों की आवाज है। हमें अहंकार, नफरत को मिटाना पड़ेगा। राहुल ने सदन में सवालिया अंदाज में पूछा कि कहा कि कुछ ही दिन पहले मैं मणिपुर गया था, हमारे प्रधानमंत्री अब तक नहीं गए, क्या मणिपुर हिंदुस्तान में नहीं है।
उन्होंने कहा कि आज की सच्चाई यह है कि मणिपुर नहीं बचा, मणिपुर को आपने दो भाग में बांट दिया है, तोड़ दिया है। मैं मणिपुर में राहत शिविरों में गया। वहां महिलाओं से बात की, बच्चों से बात की, जो प्रधानमंत्री ने आज तक नहीं की। मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की गई है, भाजपा की राजनीति ने मणिपुर को नहीं, हिंदुस्तान को मणिपुर में मारा है। इसके बाद राहुल के बयान पर लोकसभा में जबर्दस्त हंगामा हुआ। कई सांसदों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। राहुल को भाषण में बीच में रोकना पड़ा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने आज सदन में जो बातें कहीं हैं, मैं उस पर सवाल पूछना चाहता हूं। सात दशक तक यह होता रहा, इसकी जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए। पूर्वोत्तर को इन्होंने बर्बाद किया है। आज वहां सारी दिक्कत कांग्रेस पार्टी की वजह से है।

लोकसभा अध्यक्ष सदन में सांसदों के व्यवहार से बेहद नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि आप जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, उससे सदन नहीं चलेगा। स्पीकर ने सत्ता पक्ष के सांसदों से कहा कि आप भी बैठिए। सांसद के रूप में बहाल होने के बाद राहुल गांधी का लोकसभा में पहला भाषण अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दूसरे दिन बुधवार को आया। लोकसभा में उस समय हंगामा शुरू हो गया जब अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से मर्यादा बनाए रखने को कहा। आज लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण का लेकर संशय की स्थिति थी। कांग्रेस में भ्रम की स्थिति थी जिसे लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान ने हवा दी कि राहुल गांधी दोपहर में लोकसभा को संबोधित करेंगे। जब राहुल गांधी संसद पहुंचे तो मीडिया के सामने उनकी टिप्पणियों ने इस भ्रम को और बढ़ा दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह आज बोलेंगे, उन्होंने जवाब दिया-मैं रोज बोलता हूं। धैर्य रखें।
उसके बाद सदन में अपने धारदार शैली से राहुल ने जमकर सरकार पर हमला बोला। लोकसभा में जवाबी हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया कि कांग्रेस का इतिहास खून से सना है। स्मृति ने कहा कि जो आज लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन हम लोग बार-बार आपातकाल की गाथा याद करते हैं। आपातकाल में साधारण महिलाओं का कांग्रेस ने क्या हाल किया, इस बार बात करना जरूरी है। उन्होंने स्नेहलता रेड्डी की परिस्थितियों को भी बयान किया। वो एक समाजवादी नेत्री थी जिन्हें बेगलुरू में जेल में बंद किया गया था। उन्होंने अपने जेल में लिखी उनकी डायरी में दर्ज है जैसे कोई महिला आती है, उसे सबके सामने नंगा कर दिया जाता था। इसका उन्होंने जेल में विरोध किया और 6 जून 1976 के घटना का उल्लेख किया जिसमें महिला के खिलाफ मारपीट को रोकने में वे कामयाब रही। जेल से रिहा होने के 8 दिन बाद ही उनका निधन हो गया।
राजस्थान का उल्लेख करते हुए स्मृति ने कहा कि वहां भी भीलवाड़ा में 14 साल की नाबालिग महिला के साथ बालत्कार होता है। पीडित महिला के दो महिला सांसदों से मिलने के बाद उसे भट्टी में झोककर मार दिया जाता है। बंगाल में 60 साल की महिला का उनके नाती के सामने रेप किया जाता है। उन्होंने राहुल से सवाल किया कि गिरजा टिक्कू और सरला भट्ट को कब इंसाफ मिलेगा, क्या उनकी आवाज भारत की आवाज नहीं है। मैं उन घटनाओं का जिक्र नहीं करूंगी जिन वादियों में गोली चलती थी, वो वादियां अब शांत हैं। उन्होंने कहा कि आप इंडिया नहीं वंशवादी हैं आपको देश छोड़ना चाहिए। अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर दोनों सदनों में बधाई दी गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गांधी समेत हिरोशिमा में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना और श्रद्धांजलि दी।

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