राष्ट्रीय

No problem due to Indian Flag said student who reached Romania border from Ukraine Amid Russia Attack

WhatsApp Image 2024-04-18 at 10.57.41
WhatsApp Image 2024-05-16 at 10.08.18
WhatsApp Image 2024-05-18 at 13.02.08
WhatsApp Image 2024-05-18 at 13.01.50
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2024-04-08 at 17.25.32
WhatsApp Image 2024-03-03 at 00.25.49
WhatsApp Image 2024-04-24 at 21.43.09
WhatsApp Image 2024-04-25 at 09.18.36
WhatsApp Image 2024-05-08 at 12.33.24
WhatsApp Image 2024-05-12 at 12.50.39
previous arrow
next arrow

[ad_1]

नई दिल्ली. रूस के हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों और नागरिकों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन गंगा’ अभियान शुरू कर दिया गया है. इसके पहले चरण के तहत रोमानिया से 219 भारतीयों के साथ मुंबई के लिए पहली उड़ान 26 फरवरी को भारत पहुंची थी. वहीं, यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे छात्र सुरक्षित स्थान की तलाश में सीमाई देशों पर पहुंचे रहे हैं, जहां से भारतीय दूतावास उन्हें निकालने की कोशिश में लगी है.

इसी क्रम में करीब 200 छात्रों का एक समूह यूक्रेन के युद्धग्रस्त इलाकों से निकलकर रोमानिया सीमा पर फंसा हुआ है. बॉर्डर बंद होने की वजह से उन्हें यहां कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. खाने-पीने के अलावा ये लोग भयंकर ठंड से भी जूझ रहे हैं. एनडीटीवी से बातचीत में उन्होंने बताया कि खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है और भारतीय दूतावास से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है.

रोमानिया सीमा पर फंसे एक छात्र से जब पूछा गया कि यूक्रेन से रोमानिया सीमा तक पहुंचने में उन्हें किस तरह की परेशानी हुई, तो उन्होंने बताया, “इंडियन झंडे की वजह से यहां तक आने में कोई समस्या नहीं आई क्योंकि रूस और यूक्रेन के साथ भारत के रिश्ते अच्छे हैं.” छात्र ने आगे कहा, “यहां पहुंचने के बाद हमारे लिए कोई व्यवस्था नहीं है. 10 किमी पैदल चलकर आ रहे हैं, खाना-पानी वगैरह का भी इंतजाम खुद ही किया है.”

‘यूक्रेन से अभी तक 2000 भारतीयों को निकाला गया’
इस बीच, विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने रविवार को बताया कि भारत ने युद्ध ग्रस्त यूक्रेन से अभी तक अपने करीब 2,000 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है और वहां फंसे अन्य नागरिकों को पड़ोसी देशों की सीमाओं पर स्थित विभिन्न ट्रांजिट प्वाइंट के माध्यम से बाहर निकालने का प्रयास जारी है. पत्रकारों से बातचीत में श्रृंगला ने बताया कि उन्होंने यूक्रेन और रूस के राजदूतों से अलग-अलग बैठकें की हैं और यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों का लोकेशन साझा किया है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

‘भारतीय नागरिकों को बॉर्डर प्वॉइंट तक पहुंचाया जा रहा है’
विदेश सचिव ने कहा कि सीमा पार करके हंगरी और रोमानिया में दाखिल होना आसान है, लेकिन पोलैंड की सीमा पर स्थित सभी ट्रांजिट प्वॉइंट युद्ध के कारण यूक्रेन छोड़ रहे देश और विदेशी नागरिकों की भीड़ के कारण जाम हो गए हैं. उन्होंने कहा, ‘यह समस्या का कारण है.’ श्रृंगला ने कहा कि हंगरी, रोमानिया और स्लोवाकिया की सीमाओं के पास रह रहे भारतीय नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से बॉर्डर प्वॉइंट तक पहुंचाया जा रहा है.

1000 भारतीय नागरिक रोमानिया और हंगरी के रास्ते निकले
विदेश सचिव ने कहा कि करीब 1,000 भारतीय नागरिक रोमानिया और हंगरी के रास्ते बाहर आ चुके हैं और 1,000 अन्य लोगों को सड़क मार्ग से यूक्रेन से बाहर निकाला गया है. उन्होंने बताया कि कीव में करीब 2,000 भारतीय मौजूद थे और उनमें से कई देश के पश्चिमी भाग की ओर चले गए हैं.

श्रृंगला ने कहा कि यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने सलाह दी है कि कीव सहित देश के पूर्वी भाग में रह रहे लोग संघर्ष की चपेट में आने से बचने के लिए पश्चिमी क्षेत्र की ओर चले जाएं और निकटतम सीमावर्ती प्वाइंट तक पहुंचने का प्रयास करें.

Tags: India, Russia, Ukraine

[ad_2]
Source link

Aira Network

Aira News Network Provides authentic news local. Now get the fairest, reliable and fast news, only on Aira News Network. Find all news related to the country, abroad, sports, politics, crime, automobile, and astrology in Hindi on Aira News Network.

50% LikesVS
50% Dislikes

Aira Network

Aira News Network Provides authentic news local. Now get the fairest, reliable and fast news, only on Aira News Network. Find all news related to the country, abroad, sports, politics, crime, automobile, and astrology in Hindi on Aira News Network.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close