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आदर्श चुनाव आचार संहिता पर रिपोर्टिंग के दौरान काम आने वाली कुछ जानकारी

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पत्रकार भाइयों के लिए विशेष आदेश निर्देश।

लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ऐसे में आपके रिपोर्टिंग के दौरान काम आने वाली कुछ जानकारी साझा कर रहा हूं।

      आदर्श चुनाव आचार संहिता पर भारतीय प्रेस परिषद् की 162 पन्नों की एक पुस्तिका है, जिसमें रिपोर्टिंग, प्रिंटिंग और प्रसारण से लेकर विज्ञापन तक के मानक सुझाये गये हैं। हलांकि आप ऑन लाईन उस पुस्तिका (गाईड लाईन) को पढ़ सकते हैं, लेकिन हमारी कोशिश है कि उनके मुख्य बिंदुओं से आप परिचित रहें।

हमारे देश भारत में या किसी भी देश में जब भी चुनाव होते हैं, तो उस दौरान कुछ नियम व कानून लागू किये जाते हैं, जिसका पालन देश में मौजूद सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों एवं कार्यकर्ताओ को करना ही पड़ता है, ऐसे नियमों को लागू करके ही देश में चुनाव सही तरीके से हो पाते हैं, इस नियम और कानून को ही आदर्श चुनाव आचार संहिता कहते है।

प्रेस परिषद् अधिनियम, 1978 की धारा 13.2(ख) द्वारा परिषद् को समाचार कर्मियों की सहायता तथा मार्गदर्शन हेतु उच्च व्ययवसायिक स्तरों के अनुरूप समाचार-पत्रों, समाचार एजेंसियों और पत्रकारों के लिये आचार संहिता बनाने का व्यादेश दिया गया है। पत्रकारों के लिए अपनाई गई आचार संहिता इस प्रकार है –

  1. पत्रकारिता जनमत के निर्माण के लिए एक प्राथमिक उपकरण है,इसलिए पत्रकारों का यह कर्तव्य है कि वह इसे एक ट्रस्ट या दायित्व समझे और जनहित की सेवा तथा रक्षा के लिए हमेशा तैयार और इच्छुक रहें।
  2. अपने कर्तव्य का पालन करते समय पत्रकार मानव के मूलभूत और सामाजिक अधिकारों को उचित महत्व देंगे और समाचारों की रिपोर्ट देते समय उन पर टिप्पणी करते समय सद्भाव और न्यायप्रियता का ध्यान रखेंगे।
  3. समाचारों और तथ्यों को ईमानदारी से संग्रह करने और प्रकाशन करने की स्वाधीनता तथा उचित टिप्पणी और आलोचना करने का अधिकार ऐसी सिद्धांत है, जिन्हें प्रत्येक पत्रकार को हमेशा सुरक्षित रखना चाहिए।
  4. सभी सूचना और प्रकाशित टिप्पणियों के लिए दायित्व स्वीकार किया जाएगा। यदि दायित्व स्वीकार नहीं किया जा रहा है, तो पहले से ही स्पष्ट रूप से प्रकट कर दिया जाएगा।
    पत्रकार उन समाचारों और टिप्पणियों पर नियंत्रण रखेंगे, जिनसे तनाव बढ़ता है और हिंसा को प्रोत्साहन मिल सकता है।
  5. पत्रकार अपने पेशेवर आचरण को निजी हितों से प्रभावित नहीं होने देंगे।
  6. समाचार-पत्रों में निजी विवादों को जारी रखना, जब कोई सार्वजनिक प्रश्न-मुद्दा न हो, पत्रकारिता की परंपरा के विरुद्ध है।
  7. पत्रकार को किसी भी विचारधारा से प्रभावित होकर खबर का प्रकाशन या प्रसारण नहीं करना चाहिए।
  8. पत्रकार को हर समय न्यायनिष्ट और निष्पक्ष रहना चाहिए।
  9. पत्रकार के पास सारी जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए
  10. खबर की मूल आत्मा के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए।
  11. खबर जो है ठीक वैसे ही पेश करना चाहिए।
  12. समाचारों में तथ्यों को तोडा मरोड़ा न जाये न कोई सूचना छिपायी जाये।
  13. किसी के सम्मान को ठेस न पहुंचे
  14. व्यावसायिक गोपनीयता का निष्ठा से अनुपालन का ध्यान रखना चाहिए।
  15. पत्रकार अपने पद और पहुंच का उपयोग गैर पत्रकारीय कार्यों के लिए न करें।
    प्राय: ऐसा देखा जाता है कि कई बार ट्रैफिक नियम का पालन ना करने पर जब पत्रकार को दंडित किया जाता है तो वह खुद को प्रेस से बताकर अपने पद का दुरुपयोग करता है।
    पत्रकारिता पर कई बार पेड न्यूज जैसे दाग लग चुके हैं अत: पत्रकारिता की मर्यादा का ध्यान रखते हुए एक पत्रकार को रिश्वत लेकर समाचार छापना या न छापना अवांछनीय, अमर्यादित और अनैतिक है।
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