AIRA NEWS NETWORK – इतिहास मानव जीवन की समस्त अतीत के उन सारे गुण – दोषों को देख पाते हैं जो मानव के द्वारा सम्पादित किये जाते रहे हैं। के . पी . चौधरी का मत है कि इतिहास को सार्वभौमिक रूप से एक महत्वपूर्ण विषय माना गया है। यह समाज में मनुष्य के विकास का अध्ययन है। इतिहास के अध्ययन के अभाव में न तो हम अपने वर्तमान को समझ सकते हैं और न भविष्य का आंकलन कर सकते हैं। इसी कारण पाठ्यक्रम में इतिहास को स्थान प्रदान किया गया है। इतिहास के शिक्षण से विद्यार्थियों में अपने देश के अतीत के प्रति प्रेम एवं गौरव की भावना उत्पन्न होती है एवं इसके ज्ञान से जाति , धर्म , भाषा आदि के बन्धनों को समाप्त कर भावनात्मक एकता का विकास किया जा सकता है।
इतिहास का प्रमुख कार्य यह स्पष्ट करना है कि मानव तथा समाज का विकास किस प्रकार हुआ।
इसके महत्व को मुख्यत: शैक्षिक महत्व, व्यावसायिक महत्व, नैतिक महत्व, अनुशासनात्मक महत्व,सांस्कृतिक महत्व, सूचनात्मक महत्व, राष्ट्रीय महत्व और अंतर्राष्ट्रीय महत्व में प्रकाशित किया जा सकता। हीगेल ने भी इतिहास को उपादेयता के दृष्टिकोण से सराहनीय विषय माना है, इतिहास का क्षेत्र बहुत ही व्यापक है।
दार्शनिक, वैज्ञानिक आदि अन्य दृष्टिकोणों की तरह ऐतिहासिक दृष्टिकोण की अपनी निजी विशेषता है। आदिकाल से आधुनिक युग तथा इतिहास-क्षेत्र का स्वरूप निरन्तर परिवर्तनशील रहा है। वास्तव में इतिहास-क्षेत्र का स्वरूप काल एवं समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित होता रहा है। मुख्यत: सैन्य, धर्म, सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनयिक, आर्थिक, पर्यावरण और विश्व इतिहास जैसे क्षेत्रों से इतिहास की व्यापकता बढ़ रही ।
अतः इतिहास हमें पूर्व अनुभवों का एक अक्षय कोष प्रदान करता है।


















