मछली पालन के तहत आरएएस और बॉयोफेलाक पद्धति अपनाना जरूरी : निदेशक प्रेम सिंह मलिक
करनाल – मत्स्य पालन विभाग हरियाणा के निदेशक प्रेम सिंह मलिक ने प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत जिला में लगाए गए प्रोजैक्टों आरएएस एवं हैचरी सुल्तान सिंह व ग्लोबल आरएएस निशा रानी पत्नी जसबीर तथा पंचायती तालाब सधीर गांव का निरीक्षण किया और मछली पालक किसानों से बातचीत की। इस दौरान उनके साथ जिला मत्स्य अधिकारी शकुंतला देवी भी मौजूद रही।
निदेशक प्रेम सिंह ने कहा कि बढ़ती आबादी को प्रोटीनयुक्त आहार उपलब्ध करवाने के लिए आरएएस और बायाफेलाक बहुत जरूरी है जिसमें सघन मछली पालन होता है। उन्होंने बताया कि जिले में प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना पिछले वर्ष से क्रियान्वित है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी इस स्कीम के तहत लगभग 20 हैक्टेयर में तालाब खुदवाए जाएंगे और उन पर खाद-खुराक हेतु सहायता भी दी जाएगी।
इस स्कीम के तहत प्रार्थी निजी भूमि में या पट्टे पर भूमि लेकर मछली फीड हैचरी, बायाफेलाक, आरएएस, फीड मिल, कोल्ड स्टोर आदि लगाने पर विभाग से वित्तीय एवं तकनीकि सहायता प्राप्त कर सकते हैं। विभाग द्वारा प्रधानमन्त्री मत्स्य सम्पदा योजना स्कीम में सभी प्राजैक्ट पर सामान्य जाति के प्रार्थियों को 40 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति/महिला प्रार्थियों को 60 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के लिए अनुसूचित जाति कल्याण स्कीम चलाई जा रही है। इस स्कीम के तहत विभाग अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को पंचायती तालाब पट्टे पर खुली बोली के द्वारा तालाब दिलवाए जाते हैं, जिनमें वो मछली पालन का कार्य कर उसे आजीविका का साधन बना सकते है। विभाग इस स्कीम के तहत लम्बी अवधि पर लिए गए पट्टे पर तालाबों पर पट्टा राशि, खाद ख्ुाराक, जाल खरीद एवं अधिसूचित पानियों को ठेके पर लेने पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त विभाग उत्तम किस्म का बीज भी मत्स्य किसानों को उपलब्ध करवाता है।
उन्होंने बताया कि जिले में मत्स्य किसानों द्वारा लगभग 400 हैक्टेयर तालाब पट्टे पर लेकर एवं लगभग 50 हैक्टेयर में निजी तालाबों में मत्स्य पालन का कार्य कर रहे हैं तथा आरएएस तकनीकि द्वारा जिले में किसानों द्वारा मछली पालन का कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सभी स्कीमों की अतिरिक्त जानकारी के लिए जिला स्तर पर संबंधित जिला मत्स्य अधिकारी के कार्यालय में सम्पर्क कर सकते हैं।


















