इस्लाम नगर /बसई से प्रधान पद पर जुनेद आलम ने ठोंकी ताल,

काशीपुर /उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,पंचायत चुनाव की तिथि आते ही ग्रामीण क्षेत्रों में एक उत्सव सा दिखाई देता है देखा यह गया है ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधान पद पर उम्मीदवारों की घोषणा होने के बाद जहां कहां गली मोहल्ले में केवल राजनीतिक चहल पहल और वार्ता ही होती रहती है इस्लामनगर बसाई एक ऐसी ही सीट है जो हमेशा चर्चा का विषय बनी रहती है यहां से प्रधान पद के लिए युवा चेहरे जुनेद आलम ने भी पर्चा दाखिल कर अपनी किस्मत आजमाई है लगभग 3435 वोट वाला यह प्रधानी सीट आज भी विकास की बाह टोह हो रहा है इसी पीड़ा को लेकर जुनेद आलम चुनावी मैदान में आए हैं शारीरिक रूप से दिव्यांग जुनेद आलम वैसे तो टेलर मास्टर हैं परंतु शिक्षित होने के साथ-साथ क्षेत्र की विकासवादी सोच रखते हैं जुनेद आलम का कहना है की उन्होंने गरीबों का जीवन जिया है और गरीबों के दर्द को बहुत बेहतर तरीके से समझते हैं गांव की टूटी-फूटी सदके जहां तहा पड़ा कूड़े का ढेर सरकारी योजनाओं से वंचित लोगों की पीड़ा को देखते हुए जुनेद आलम को पीड़ा होती है जिसके चलते उन्होंने बीड़ा उठाया है यदि जनता ने उनको मौका दिया तो गांव का सर्वांगीण विकास करेंगे जुनेद आलम ने कहा कि वह यहां राजनीति करने नहीं कार्य नीति करने आए हैं उनका विश्वास है कि उनकी ईमानदारी और कार्यशैली को देखते हुए उन्हें मतदाताओं का स्नेह और प्यार मिल रहा है वह वोटो में भी तब्दील होगा जैसा कि उनका पूर्ण विश्वास है कि क्षेत्र की सम्मानित जनता उन्हें सेवा का एक मौका जरूर देगी उनके मन में जो भी विकासवादी सोच है वह धरातल पर स्थापित करेंगे!


















