मुरादाबाद-उत्तरप्रदेश

2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए सिरदर्द बन सकते हैं ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर

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बदायूं | संजना भारती, ब्यूरो प्रमुख इंतजार हुसैन
2027 विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए सिरदर्द बन सकते हैं ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर
बदायूं जनपद की बिल्सी विधानसभा में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं। सभी राजनीतिक दलों के संभावित प्रत्याशी क्षेत्र में जनसंपर्क बढ़ाने और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी की ओर से ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर की दावेदारी को बेहद मजबूत माना जा रहा है।
ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर का नाम बिल्सी विधानसभा क्षेत्र में एक समाजसेवी और साफ छवि वाले नेता के रूप में लिया जाता है। उन्होंने समाज सेवा की प्रेरणा अपने पिता और परिवार से प्राप्त की और जीवन का बड़ा हिस्सा सामाजिक कार्यों को समर्पित कर दिया। उनका कहना है कि “समाज सेवा ही सच्चा देश प्रेम है।”
समाज सेवा से बनी मजबूत पहचान
ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर अपने पैतृक गांव मिठनपुर में हर वर्ष विशाल निःशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन कराते हैं, जहां अलीगढ़ के प्रसिद्ध नेत्र विशेषज्ञों द्वारा हजारों लोगों की आंखों की जांच और इलाज मुफ्त में किया जाता है। इन शिविरों से न केवल गरीब और जरूरतमंद लोगों को राहत मिलती है, बल्कि उन्हें जनता का भरपूर प्यार और दुआएं भी मिलती हैं।
सियासी सफर और शेरवानी से नाता
उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत 1986 में समाजवादी विचारधारा से जुड़कर हुई। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी के सान्निध्य में लंबे समय से कार्य कर रहे हैं। शेरवानी उन्हें छोटे भाई की तरह मानते हैं और हर महत्वपूर्ण राजनीतिक गतिविधि में साथ रखते हैं।
ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर ने कभी किसी पद या व्यक्तिगत लाभ की अपेक्षा नहीं की, बल्कि हमेशा पार्टी और संगठन के लिए समर्पित भाव से काम किया। उन्होंने कई चुनाव अभियानों में अहम भूमिका निभाई और वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर समाजवादी पार्टी को मजबूती प्रदान की।
जनता के कहने पर मैदान में उतरने का फैसला
लगातार जनता के बीच रहने, उनके दुख-दर्द में साथ खड़े रहने और सामाजिक कार्यों के चलते क्षेत्रीय लोगों ने उनसे चुनाव लड़ने का आग्रह किया। इसी के चलते उन्होंने बिल्सी विधानसभा से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। वह नियमित रूप से क्षेत्र में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और स्थानीय समस्याओं को नजदीक से समझ रहे हैं।
जातीय समीकरण और सियासी असर
बिल्सी विधानसभा में लगभग 3.5 लाख मतदाता हैं। इनमें मुस्लिम मतदाता करीब 54 हजार, क्षत्रिय 53 हजार, मौर्य 52 हजार, जाटव 37 हजार और यादव लगभग 35 हजार बताए जाते हैं। स्थानीय राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर ऐसे प्रत्याशी हो सकते हैं जिन्हें हर बिरादरी से समर्थन मिलने की संभावना है।
उनकी बेदाग छवि, सामाजिक कार्य, जनता से सीधा जुड़ाव, समाजवादी पार्टी में सक्रिय भूमिका और शेरवानी का आशीर्वाद—ये सभी कारक उन्हें एक मजबूत दावेदार बनाते हैं। ऐसे में आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के लिए वह बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क

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