ट्रान्सपोर्ट नगर प्रकरण पर उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के अंतरिम स्थगन आदेश का विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा खुला उलंघन करना कोर्ट की अवमानना है – प्रेम प्रकाश सिंह गौतम

ट्रान्सपोर्ट नगर प्रकरण में स्थगन आदेश के बावजूद विकास प्राधिकरण के अवैधानिक कृत्य एवं दमनात्मक कार्यवाई से आक्रोशित अधिवक्ता एवं किसानो के वैधानिक सवाल से निरूत्तर हुये जिला अधिकारी
जिलाधिकारी ने ट्रान्सपोर्ट नगर प्रकरण पर न्यायालय के आदेश का लीगल राय लेकर दो दिन में किसानो से वार्ता करने एवं तब तक सम्पूर्ण कार्यवाई रोकने का दिया आश्वासन
वीडीए उपाध्यक्ष पर तीन दिन में कार्रवाई नही हुई तो वीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ अवमानना एवं मानहानि का होगा मुकदमा – विनय शंकर राय
वाराणसी :- मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर प्रकरण पर उच्चतम न्यायालय के स्पेशल लीव पीटीशन अपील नम्बर 20832/ 2023 में 16 फ़रवरी 2026 को हुये अंतरिम आदेश एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रीट संख्या 36353/2023 में 21 नवम्बर 2023 से ही किसानो के पक्ष में मिले स्थगन आदेश जो वर्तमान समय में प्रभावी है का वाराणसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा खुला उलंघन करने से आक्रोशित सैकड़ो अधिवक्ताओ एवं किसानो का हुजुम दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम तथा मोहनसराय किसान संघर्ष समिति के मुख्य संरक्षक एवं अधिवक्ता विनय शंकर राय “मुन्ना” के नेतृत्व आज जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार से उनके कचहरी कार्यालय में मिलकर दोनो न्यायालय के आदेश की प्रमाणित प्रति दिया जिस पर जिलाधिकारी ने न्यायालय के आदेश का लीगल राय लेकर दो दिन में उच्च अधिकारियो संग किसानो से वार्ता करने एवं तब तक सम्पूर्ण कार्यवाई रोकने का दिया आश्वासन |
प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश भारत की संवैधानिक पीठ के अंतरिम आदेश एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के स्थगन आदेश का विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा खुला उलंघन करना और मीडिया में 17 फरवरी को प्रेस रीलीज जारी कर कहना कि किसानो के पक्ष में वर्तमान समय में कोई अंतरिम आदेश प्रभावी नही है यह उच्चतम न्यायालय के संवैधानिक पीठ एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद का वीडीए उपाध्यक्ष द्वारा सीधा अवमानना करना है जो पूर्णतया दुर्भाग्यपूर्ण एवं अवैधानिक कृत्य है | किसान नेता विनय शंकर राय “मुन्ना” ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश पर भ्रामक प्रेस रिलीज वाराणसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा जारी करना एवं उसके बाद प्रस्तावित ट्रान्सपोर्ट नगर में व्यवसायिक भूखंड आवंटन हेतु 18 फरवरी को लाटरी प्रक्रिया अपनाना और मौके पर किसानो के जमीन और मकान पर जबरदस्ती कब्जा और उत्पीड़न की कार्रवाई तीव्र गति से करना उनके अवैधानिक कृताय एवं अहंकार का स्पष्ट प्रमाण है जिसको वाराणसी कानून के रखवाले अधिवक्ता एवं धरती के पालनहार अन्नदाता किसान बर्दाश्त नही करेगा |
श्री राय ने तीन दिन में वीडीए उपाध्यक्ष पर कठोर वैधानिक कार्रवाई नही हुई और उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय के आदेश का अक्षरश: पालन और उत्पीड़नात्मक कार्यवाही तत्काल बंद नहीं हुआ तो आर पार की लड़ाई के ऐलान हेतु काशी के अधिवक्ता , किसान,मजदूर एवं नौजवान खुली पंचायत करेगे और निर्णायक अंदोलन का आगाज करेगे |
प्रमुख रूप से सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री आशीष सिंह,राजेश प्रसाद सिंह,शैलेन्द्र राय,मनीष सिंह, अभय सिंह, दीपक राय कान्हा,विश्वनाथ कुंवर, प्रवीन उपाध्याय,अंकुर प्रकाश,रविन्द्र प्रताप सिंह यादव, श्रीमती सीता,भूपेंद्र सिंह,प्रमोद सिंह सहित सैकड़ो अधिवक्ता एवं डा. विजय नरायण वर्मा,उदय प्रताप पटेल, प्रेम शाह,अमलेश पटेल,रमेश पटेल, विजय गुप्ता,अवधेश प्रताप,गौरव पटेल , चंदन पटेल,दिनेश पटेल ,रमेश,मदन पटेल ,उमाशंकर पटेल, रमाशंकर पटेल , प्रमोद पटेल ,राम नारायण पटेल, सुरेश पटेल,विकास पटेल,मदनलाल, सुभाष पटेल,सोमनाथ पटेल ,बलराम पटेल,प्रेम पटेल,रवि पटेल, हनुमान पटेल ,शुभम पटेल,लक्ष्मी नारायण,विजय पटेल,कल्लू पटेल,सुजीत पटेल,नीतीश पटेल,सोनू पटेल,अजीत पटेल, राजनाथ पटेल, वकील,चंदन पटेल, दीपू पटेल,रमेश पटेल,डंगरू पटेल, रघुवर पटेल,राजेंद्र पटेल नीरज पटेल ,नीतीश पटेल,रामकुमार पटेल,संजू बाबा ,महेंद्र पटेल,सोनू पटेल ,देवनाथ पटेल,राहुल पटेल,नरेश पटेल,रतन पटेल,रोहित पटेल, बंटी,संदीप पटेल, काशीनाथ पटेल,मुन्ना पटेल,रमाशंकर पटेल,सुरेश मौर्या सहित सैकड़ो किसान शामिल थे ||



















