दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी किए। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। CJI सूर्यकांत ने केंद्र से पूछा

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी किए। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। CJI सूर्यकांत ने केंद्र से पूछा- हमने जातिविहीन समाज की दिशा में कितना कुछ हासिल किया है। क्या अब हम उल्टी दिशा में चल रहे हैं?

कोर्ट ने कहा- पीड़ितों को न्याय से वंचित नहीं छोड़ा जा सकता। हमें जनरल कैटेगरी की शिकायतों से कोई मतलब नहीं है। हमारी चिंता यह है कि आरक्षित समुदायों के लिए निवारण प्रणाली लागू रहनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी।
UGC के नए नियमों के खिलाफ मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने याचिकाएं दायर की हैं। इनमें आरोप लगाया गया था कि UGC ने जाति आधारित भेदभाव की गैर-समावेशी परिभाषा अपनाई है और कुछ समुदाय को संस्थागत संरक्षण से बाहर रखा है!!

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close