सरकारी संपत्ति की खुली लूट-यूकेलिप्टस के 50 पेड़ कौड़ियों के दाम नीलाम-लाखों का नुकसान,जिम्मेदार कौन.?

सरकारी संपत्ति की खुली लूट!
यूकेलिप्टस के 50 पेड़ कौड़ियों के दाम नीलाम — लाखों का नुकसान, जिम्मेदार कौन?
धामपुर (बिजनौर):
सरकारी तंत्र की लापरवाही और कथित मिलीभगत का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्राम क्षेत्र में काटे गए यूकेलिप्टस के 50 पेड़ों की नीलामी महज ₹31,000 में कर दी गई—जबकि जानकारों के मुताबिक इन पेड़ों की वास्तविक कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। सवाल सीधा है: सरकार का नुकसान किसके इशारे पर कराया गया?

सूत्रों के अनुसार 04 जनवरी 2026 को ग्राम समाज की भूमि पर यूकेलिप्टस के पेड़ काटे गए। मौके पर पहुंचकर राजस्व विभाग ने कार्यवाही रोकने का दावा किया, लेकिन कटे हुए पेड़ों को गांव के ही कुछ लोगों में तत्काल बांट दिया गया। बाद में जब नीलामी कराई गई, तो कीमत इतनी कम रखी गई कि सरकारी खजाने को सीधा झटका लगा।
सवालों के घेरे में पूरी प्रक्रिया
जब कीमत लाखों की थी, तो ₹31,000 में नीलामी कैसे?
नीलामी की पारदर्शिता कहां थी?
क्या आकलन रिपोर्ट जानबूझकर कम बनाई गई?
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
प्रशासन से सख्त मांग






इस मामले में समाजसेवी द्वारा तहसीलदार धामपुर को लिखित शिकायत दी गई है, जिसमें नीलामी को सार्वजनिक कराकर दोबारा कराने, और सरकारी नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। साथ ही, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी उठी है।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क प्रशासन से पूछता है:
क्या दोषियों पर गाज गिरेगी या फाइलों में दब जाएगा लाखों का घोटाला?






