शबे बरात पर बीहड़ वाले सैयद बाबा तक नहीं पहुंच सके श्रद्धालु प्रशासन ने किया रास्ता बंद, अंधेरे में डूबी रही दरगाह

इन्तिजार अहमद खान
इटावा। शबे बरात पर बीहड़ वाले सैयद बाबा के मजार पर अपने पुरखों के लिए फातिया पढ़ने पहुंचे अकीदतमंदों को निराश लौटना पड़ा। बीहड़ क्षेत्र में स्थित सैयद बाबा की मजार शबे बरात की रात इस बार अंधेरे में डूबी रही।
रोशनी, इबादत और हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी से गुलजार रहने वाली यह दरगाह इस बार पूरी तरह सुनसान नजर आई। वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद प्रशासन ने मजार तक जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए। प्रशासन ने मजार तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर शाम 6 बजे से ही पूरी तरह रोक लगा दी। रास्ते पर बड़ा चेतावनी बोर्ड लगाया गया। शबे बरात की रात कोई अंदर न जा सके, इसके लिए रास्ते में बबूल के कांटे तक बिछा दिए गए। भारी पुलिस बल, पीएसी और वन विभाग कर्मियों की तैनाती के बीच किसी भी श्रद्धालु को मजार तक पहुंचने नहीं दिया गया। वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा इस बार टूट गई। बीहड़ी इलाके में स्थित सैयद बाबा की मजार पर हर साल रातभर चहल-पहल रहती थी। हजारो लोग यहां पहुंचते थे, मजार रोशनी से जगमग रहती थी। लेकिन इस बार हालात बिल्कुल विपरीत रहे। मजार के आसपास सन्नाटा पसरा रहा, रास्तों पर कोई श्रद्धालु नजर नहीं आया। सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया मामला वन विभाग की भूमि और एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है। शब-ए-बारात का त्योहार है, लोग रातभर शहर की विभिन्न दरगाहों, कब्रिस्तानों और मस्जिदों में आते-जाते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन इस प्वाइंट पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है।






