‘वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस युग में शोध व नवाचार राष्ट्र के समग्र प्रगति के प्रमुख आधार’

नक़ी हैदर दानिश
मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय कार्यक्रम का पांचवां दिन
वाराणसी। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय ‘राष्टीय शिक्षा नीति: उन्मुखीकरण एवं जागरूकता’ कार्यक्रम के पांचवे दिन शुक्रवार राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 पर व्याख्यान हुआ। प्रथम सत्र में प्रो. अभिषेक त्रिपाठी ने ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट तथा प्रमोशन ऑफ इनोवेशन’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस युग में शोध, विकास और नवाचार किसी भी राष्ट्र के समग्र प्रगति के प्रमुख आधार हैं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने इस दिशा में विशेष पहल करते हुए 20,000 करोड़ की राशि रिसर्च एवं डेवलपमेंट के लिए आवंटित किए हैं। प्रो. त्रिपाठी ने ब्रेन ड्रेन की समस्या के समाधान हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति में शामिल प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि पीपीपी मॉडल के माध्यम से कैपेसिटी बिल्डिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।द्वितीय सत्र में डॉ. अशोक कुमार सिंह ने ‘राष्टीय शिक्षा नीति में शोध प्राथमिकता के क्षेत्र’ विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में शिक्षकों से डिजिटल सशक्तिकरण, नवाचार, स्किल डेवलपमेंट और उत्पादकता में दक्ष होने की अपेक्षा की जाती है, और इन सबकी प्राप्ति एक सशक्त शोध संस्कृति के माध्यम से ही संभव है। डॉ. सिंह ने आगे सामुदायिक रिसर्च, ओपन रिसर्च और आर्टिस्टिक रिसर्च जैसे विभिन्न शोध प्रकारों की चर्चा की और कहा कि शोध का प्रकाशन उसके निर्माण जितना ही आवश्यक है क्योंकि यही ज्ञान के प्रसार का माध्यम बनता है। उन्होंने बताया कि शोध की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इन पहलुओं को अत्यंत सावधानी से संभालने की आवश्यकता है।स्वागत करते हुए केंद्र निदेशक प्रो. सुरेन्द्र राम ने कहा कि उच्च शिक्षा में शोध की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का परम लक्ष्य है। संचालन प्रो. रमाकांत सिंह, तकनीकि सहयोग विनय सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डाइट के वरिष्ठ प्रवक्ता नरसिंह व डॉ. लालधारी यादव ने किया।





