वाराणसी/उत्तरप्रदेश

विज्ञान संस्थान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीओपीवीएस–2026 का शुभारंभ

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow



वाराणसी, 23 फरवरी 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में वाइब्रेशनल स्पेक्ट्रोस्कोपी के क्षेत्र में विभिन्न दृष्टिकोण (Perspectives in Vibrational Spectroscopy) विषय पर 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन विज्ञान संस्थान के भौतिकी विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है जिसका उद्घाटन सत्र संगोष्ठी संकुल, विज्ञान संस्थान के महामना हॉल में संपन्न हुआ। यह छह दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैज्ञानिक आदान-प्रदान तथा व्यावसायिक विकास के लिए एक पारदर्शी और सशक्त मंच प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
उद्घाटन सत्र में अध्यक्षीय संबोधन देते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने स्पेक्ट्रोस्कोपी के महत्व और इसके ‘स्पेक्ट्रम’ की अवधारणा से गहरे संबंध की चर्चा की। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि स्पेक्ट्रम का विस्तार परमाण्विक स्तर से लेकर निरंतर विस्तार करते ब्रह्मांड तक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका महत्व केवल विज्ञान या प्रकृति के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अभियांत्रिकी सहित अनेक क्षेत्रों की आधारशिला है। कुलपति ने कहा कि कोई भी अभियांत्रिकी शाखा स्पेक्ट्रम के संदर्भ के बिना कार्य नहीं कर सकती। इसी कड़ी में उन्होंने प्रयोगात्मक और सैद्धांतिक शोधकर्ताओं के बीच सशक्त समन्वय की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि सार्थक प्रगति इसी सहयोग से संभव है। प्रो. चतुर्वेदी ने गणित को भौतिकी एवं समस्त विज्ञानों की नींव बताते हुए विभिन्न अनुशासनों के विद्वानों को एक मंच पर लाकर सामूहिक प्रयासों से ब्रह्मांड की गहन समझ विकसित करने का सुझाव दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी-बीएचयू ने अपने संबोधन में कहा कि वे विद्युत अभियंताओं को मूलतः भौतिक वैज्ञानिक ही मानते हैं, क्योंकि समस्या-समाधान की आधारभूमि इकाई भौतिकी ही है, जिसे गणित सुदृढ़ करता है और जो रसायन तथा आधुनिक जीवविज्ञान तक विस्तृत हो चुकी है। उन्होंने हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग जैसे समकालीन अनुप्रयोगों का उल्लेख करते हुए बताया कि इसका उपयोग मस्तिष्क अध्ययन में तंत्रिका गतिविधियों और भावनाओं को समझने में किया जा रहा है। साथ ही ड्रोन-आधारित हाइपरस्पेक्ट्रल कैमरों के माध्यम से खनिज, वनस्पति एवं मिट्टी की आर्द्रता का आकलन कर संसाधन प्रबंधन को बेहतर बनाया जा रहा है।
प्रो. अर्नुल्फ माटरनी, कॉन्सट्रक्टर विश्वविद्यालय (Constructor University), जर्मनी, द्वारा “30 Years of Femtosecond Time-Resolved Coherent Anti-Stokes Raman Scattering (fs-CARS) in the Materny/Kiefer Groups” विषय पर उद्घाटन व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। प्रो. माटरनी ने जर्मनी में प्रो. कीफर के निर्देशन में अपने छात्र जीवन से भारत के साथ अपने शैक्षणिक संबंधों का उल्लेख करते हुए रमन एवं नॉन-लीनियर स्पेक्ट्रोस्कोपी में अपने शोध अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शोध के दौरान उन्होंने रमन तकनीकों को फेम्टोसेकंड टाइम-रिजॉल्व्ड पद्धतियों के साथ संयोजित किया, जो आज भी उनके वैज्ञानिक कार्य की आधारभूमि है।
विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार ने स्पेक्ट्रोस्कोपी के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकाश के प्रति मानव जिज्ञासा प्राचीन चिंतकों, जैसे अरस्तु, से प्रारंभ होती है, किंतु वैज्ञानिक उपलब्धियों का वास्तविक विस्तार आइज़ैक न्यूटन द्वारा सूर्य के निरंतर स्पेक्ट्रम के प्रदर्शन से हुआ।
सम्मेलन (ICOPVS-2026) के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र कुमार सिंह विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, ने स्पेक्ट्रोस्कोपी के व्यापक शोध क्षेत्रों—परमाण्विक एवं आणविक स्पेक्ट्रोस्कोपी से लेकर पदार्थ विज्ञान, जैव-भौतिकी, खगोल-भौतिकी एवं उच्च-ऊर्जा भौतिकी—तक की चर्चा करते हुए विभाग में उपलब्ध सुदृढ़ प्रायोगिक एवं संगणनात्मक सुविधाओं का उल्लेख किया।
सम्मेलन के संयोजक एवं छात्र अधिष्ठाता प्रो. रंजन कुमार सिंह ने कहा कि यह सम्मेलन वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुभव, युवा शोधकर्ताओं के आत्मविश्वास तथा आमंत्रित व्याख्यानों, मौखिक प्रस्तुतियों एवं पोस्टर सत्रों के माध्यम से नए सहयोगों को प्रोत्साहित करने हेतु एक खुला मंच प्रदान करता है।
प्रो. राजेश कुमार श्रीवास्तव, संकाय प्रमुख, विज्ञान संकाय, ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि स्पेक्ट्रोस्कोपी न केवल भौतिकी, बल्कि सभी विज्ञान शाखाओं की आधारशिला है तथा आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों और तत्वीय विश्लेषण का मूल आधार है।
उद्घाटन सत्र के अवसर पर “The XIᵗʰ International Conference on Perspectives in Vibrational Spectroscopy (ICOPVS-2026)” शीर्षक से प्रकाशित सार-संग्रह पुस्तिका का विमोचन रहा। कार्यक्रम का समापन प्रो. अंचल श्रीवास्तव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close