विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद और उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के आदेश की खुलेआम कर रहे हैं अवहेलना – विनय शंकर राय

ट्रान्सपोर्ट नगर प्रकरण में हाईकोर्ट इलाहाबाद के स्थगन आदेश रहते हुये वीडीए उपाध्यक्ष द्वारा किसानो के पक्ष में कोई आदेश प्रभावी नही बताने से अधिवक्ता समाज और किसान आक्रोशित
वाराणसी :- कचहरी में मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर प्रकरण में उच्चतम न्यायालय स्पेशल लीव पीटीशन अपील नम्बर 20832/2023 में 16 फ़रवरी 2026 को हुये अंतरिम आदेश एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद के रीट संख्या 36353/2023 में 21नवम्बर 2023 से ही किसानो के पक्ष में मिले स्थगन आदेश पर वैधानिक मंथन हुआ जिसमें स्पष्ट हुआ कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद के स्थगन आदेश को अंतरिम आदेश तक पालन करने हेतु उच्चतम न्यायालय का आदेश स्पष्ट होने के बावजूद वाराणसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष द्वारा ये बयान जारी करना कि पूर्व में किसानो के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश प्रभावी नही था पूर्णतया अवैधानिक है, विद्वान अधिवक्ताओ का एक प्रतिनिधिमंडल जिले के उच्च अधिकारियो से साक्ष्य और सबूत के साथ 20 फरवरी 2026 को मिलकर वैधानिक वार्ता करने का निर्णय लिया जिसका नेतृत्व दोनो बार के पदाधिकारी करेगे |
अधिवक्ता विनय शंकर राय “मुन्ना” ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में सरकार के अधिवक्ता स्पष्ट कह रहे हैं कि सरकार उच्च न्यायालय इलाहाबाद के स्थगन आदेश का अनुपालन कर रही है और यहां वाराणसी विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष यह कह रहे हैं कि कोई अंतरिम आदेश प्रभावी नही है जो उच्च न्यायालय इलाहाबाद और चीफ जस्टिस आफ इण्डिया उच्चतम न्यायालय के आदेश का खुला उलंघन है |
आक्रोश व्यक्त करने वालो में प्रमुख रूप से दी सेन्ट्रल बार एसोशिशन वाराणसी के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम,राजेश प्रसाद सिंह,विनय शंकर राय “मुन्ना”, दीपेन्द्र सिंह”नन्हे”,अभय सिंह,अंकुर प्रकाश,शैलेन्द्र राय,संजय लालवानी, अमित उपाध्याय,कमलेश सिंह “कमलू” सहित इत्यादि अधिवक्ता शामिल थे ||
























