वाराणसी/उत्तरप्रदेश

वाराणसी में चाइनीज मांझे का जानलेवा आतंक: दुर्गाकुंड में हेलमेट के बावजूद युवती का चेहरा कटा, लोहता में युवक गंभीर रूप से घायल

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

वाराणसी। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसकी चपेट में आने से बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवती और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सबसे दर्दनाक घटना भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड इलाके में हुई, जहाँ स्कूटी सवार एक युवती मांझे की चपेट में आ गई। इस घटना की सबसे डराने वाली बात यह रही कि युवती ने सुरक्षा के लिए हेलमेट पहन रखा था, इसके बावजूद मांझे की धार इतनी तेज थी कि उसका चेहरा बुरी तरह कट गया। युवती को लहूलुहान अवस्था में तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है।

दुर्गाकुंड की इस घटना ने एक बार फिर प्रशासन के दावों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती अपनी सामान्य गति से स्कूटी चला रही थी कि अचानक हवा में लटक रहा मांझा उसके गले और चेहरे पर फंस गया। हेलमेट का शीशा गिरा होने के बाद भी मांझा त्वचा तक पहुँच गया, जिससे गहरा घाव हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुँचाया। सीसीटीवी फुटेज में हादसे की भयावहता साफ देखी जा सकती है, जिसने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। युवती का नाम कृति गिरी, पुत्री अनिल गिरी निवासी कंदवा बताया जा रहा है।

इसी तरह की एक अन्य घटना में लोहता के चुरामनपुर निवासी जितेंद्र मौर्य भी चाइनीज मांझे का शिकार बने। जितेंद्र अपनी मोटरसाइकिल से रामनगर की ओर जा रहे थे। अभी वह सामने घाट पुल पार करने ही वाले थे कि अचानक मांझा उनके चेहरे पर आकर लिपट गया। इस हादसे में मांझे की धार ने उनकी दोनों पलकों और नाक पर गहरा कट मार दिया, जिससे वह सड़क पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।

घटनास्थल पर मौजूद राहगीरों ने सक्रियता दिखाते हुए जितेंद्र को तत्काल रामनगर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि मांझा आँखों के बेहद करीब था, जिससे उनकी दृष्टि को भी खतरा हो सकता था, लेकिन समय रहते उपचार मिलने से फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है। पुलिस की तमाम पाबंदियों और छापेमारी के बावजूद बाजार में चाइनीज मांझे की उपलब्धता और उसका बेखौफ इस्तेमाल राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close