वाराणसी/उत्तरप्रदेश

वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक विजय विनीत की पुस्तक ‘सपनों की पगडंडियां’ का हुआ विमोचन

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

अशोका इंस्टीट्यूट के संस्थापक अशोक कुमार मौर्य को ‘जल मित्र अवार्ड’ से किया गया सम्मानित

डॉ.रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि अच्छा लेखन वही है जिससे समाज को वास्तविक लाभ मिले

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पत्रकारिता को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है – सुधीर मिश्रा

वाराणसी :- अशोका इंस्टीट्यूट के बुद्ध सभागार में मंगलवार को मेरा शहर संस्था के बैनर तले वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक विजय विनीत की पुस्तक ‘सपनों की पगडंडियां’ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया | कार्यक्रम की मुख्य अतिथि देश की जानी मानी इतिहासकार एवं पूर्व सांसद डॉ.रीता बहुगुणा जोशी रहीं | अपने संबोधन में डॉ.जोशी ने कहा कि अच्छा लेखन वही है जिससे समाज को वास्तविक लाभ मिले | साहित्य तब सार्थक होता है जब वह चेतना का स्रोत बने और लोगों के जीवन को दिशा दे उन्होंने पुस्तक को संघर्ष,संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रेरक गाथा बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की जीवनी नहीं,बल्कि समाज के लिए प्रेरणा है | उन्होंने प्रोफेसर सुरेंद्र सिंह कुशवाहा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रांची विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए उन्होंने क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देकर शिक्षा को सांस्कृतिक चेतना से जोड़ा | छात्रों के बीच जाकर पढ़ाना उनके व्यक्तित्व की सादगी और सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण था |

कार्यक्रम में नवभारत टाइम्स लखनऊ के संपादक सुधीर मिश्रा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में पत्रकारिता को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है ऐसे समय में विजय विनीत का एआई और पत्रकारिता पर लेखन छात्रों और युवा पत्रकारों के लिए मार्गदर्शक है उन्होंने उनकी चर्चित कृति ‘मैं इश्क लिखूं तुम बनारस समझना’ का उल्लेख करते हुए स्मृतियों को साहित्य में ढालने की उनकी क्षमता की सराहना की |

वरिष्ठ लेखक एवं रंगकर्मी व्योमेश शुक्ल ने कहा कि प्रोफेसर कुशवाहा का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सामाजिक जकड़नों के बीच भी व्यक्ति अपने परिश्रम से नई राह बना सकता है | काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोज कुमार सिंह ने कहा कि ‘सपनों की पगडंडियां’ किसानों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है |

कार्यक्रम की अध्यक्षता काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के निवर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर नागेंद्र पांडेय ने की उन्होंने कहा कि विजय विनीत ने अत्यंत सरल और सटीक भाषा में प्रोफेसर कुशवाहा के व्यक्तित्व को उकेरा है और यह पुस्तक बताती है कि संघर्ष की पगडंडियां अंततः सफलता के राजमहल तक ले जाती हैं |

वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि विरोध और मुकदमों के बावजूद विजय विनीत की कलम कभी नहीं रुकी वे सच को उसी ईमानदारी से लिखते हैं जैसा वे देखते हैं | वरिष्ठ साहित्यकार रामजी यादव ने प्रोफेसर कुशवाहा के मानवीय गुणों की सराहना की जबकि सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. लेनिन रघुवंशी ने कहा कि उनका जीवन प्रेम और सकारात्मक विद्रोह का उदाहरण है |

कार्यक्रम के दौरान अशोका इंस्टीट्यूट के संस्थापक अशोक कुमार मौर्य को मानवाधिकार जन निगरानी समिति की ओर से ‘जनमित्र अवार्ड / जल मित्र अवार्ड’ से सम्मानित किया गया | इसके अलावा कई पत्रकारों,साहित्यकारों और कलाकारों को भी सम्मानित किया गया | कार्यक्रम की शुरुआत विजय विनीत द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं परिचय से हुई | संचालन अशोक आनंद ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन मेरा शहर संस्था की अध्यक्ष सोनम उपाध्याय ने किया |

मेरा शहर एक सामाजिक सांस्कृतिक मंच है जो युवाओं की प्रतिभा को पहचानने,उन्हें विशेषज्ञों से जोड़ने तथा हरियाली और कला के माध्यम से बेहतर शहर निर्माण की दिशा में कार्य कर रहा है | संस्था के बैनर तले आयोजित यह कार्यक्रम साहित्य और समाज को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ ||

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close