रामनगरिया मेला तैयारी में अव्यवस्थाएं उजागर: गंगा जल बढ़ने से कल्पवासियों में दहशत

आसिफ राजा
शमशाबाद, फर्रुखाबाद।ढाई घाट शमशाबाद की पवित्र गंगा तट पर लगने वाले सुप्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक रामनगरिया मेले को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत एवं कल्पवासी मेले में पहुंचकर अपने-अपने आशियाने सजाने में जुट गए हैं। मेला व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पंचायत शाहजहांपुर के पास है, जिसकी ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
बिगत दिनों पूर्व अपर पुलिस अधीक्षक फर्रुखाबाद ने क्षेत्राधिकारी कायमगंज के साथ ढाई घाट शमशाबाद में प्रस्तावित रामनगरिया मेले का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, श्रद्धालुओं का कहना है कि काफी समय बीत जाने के बावजूद भी व्यवस्थाओं में सुधार नजर नहीं आ रहा है। बिजली, पानी और आने-जाने के रास्तों की समस्याएं आज भी बनी हुई हैं।
श्रद्धालुओं ने बताया कि जिला पंचायत शाहजहांपुर की ओर से मेले में कुछ इंतजाम जरूर किए गए हैं, लेकिन वे नाकाफी हैं। मेला स्थल के नजदीक पहाड़ी के नीचे जहां बड़ी संख्या में कल्पवासी साधु-संतों ने डेरा जमा लिया है, वहीं पास से बह रही गंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से दहशत का माहौल बन गया। कई स्थानों पर पानी आशियानों के काफी करीब पहुंच गया, जबकि कुछ जगहों पर पानी भर जाने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत शाहजहांपुर द्वारा बोरियां लगवाकर पानी को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उनका डर है कि कहीं पानी उनके आशियानों में घुसकर बड़ी मुसीबत न खड़ी कर दे।
उल्लेखनीय है कि रामनगरिया मेला पूरे एक महीने तक चलता है, जिसमें फर्रुखाबाद के साथ-साथ कन्नौज, कानपुर, औरैया, इटावा, आगरा, एटा, मथुरा एवं अयोध्या सहित कई जनपदों से साधु-संत, कल्पवासी, श्रद्धालु और व्यापारी पहुंचते हैं। साधु-संत गंगा स्नान कर गंगा मैया की आराधना करते हैं और भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
मेले में अब साधु-संतों और कल्पवासियों का जमावड़ा बढ़ने लगा है। जगह-जगह तंबू नजर आने लगे हैं। साधु-संत अपने तंबुओं को सजाकर कल्पवास की तैयारियों में जुटे हुए हैं, वहीं व्यापारी भी क्रय-विक्रय के उद्देश्य से अपने-अपने स्थान चिन्हित कर दुकानें सजा रहे हैं। प्रशासन की ओर से स्नान स्थल के पास सुरक्षा व्यवस्था, बेरी कटिंग, आने-जाने के रास्ते, बिजली और पानी जैसी समस्याओं को दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं की नजर में अभी काफी सुधार की आवश्यकता है।





