उत्तरप्रदेश

यूपी में नए साल में होंगे 3 चुनाव:

WhatsApp Image 2025-09-22 at 11.03.20
previous arrow
next arrow

2026 की दस्तक के साथ प्रदेश ही नहीं, देश की निगाहें यूपी में 2027 पर होने वाले विधानसभा चुनाव पर रहेंगी। 2027 की परीक्षा से पहले यूपी में भाजपा, सपा, अपना दल (एस), रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, कांग्रेस, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और बसपा को तीन-तीन बड़े चुनावों से गुजरना होगा। इसी साल सभी पार्टियां दल-बदल से गुजरेंगी।

1- पंचायत चुनाव में होगा 2027 का पूर्वाभ्यास

प्रदेश में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव होने हैं। पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर साफ कर चुके हैं कि पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएंगे। वर्तमान में प्रदेश की 75 में से 67 जिलों में भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। वहीं, 826 में से 476 से अधिक ब्लॉक में भाजपा के ब्लॉक प्रमुख हैं। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस, रालोद, अपना दल (एस), सुभासपा, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक और निषाद पार्टी ने पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पंचायत चुनाव राजनीतिक दलों के लिए 2027 का पूर्वाभ्यास होंगे। गांवों में जमीनी स्तर पर किस राजनीतिक दल की स्थिति मजबूत है, इसका आकलन पंचायत चुनाव से होगा।
ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में तो सरकार की ताकत काम आती है। इसीलिए दोनों के चुनाव परिणाम सत्तारूढ़ दल के पक्ष में होते हैं। लेकिन, ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के चुनाव परिणाम से राजनीतिक हवा का पता चलता है कि जमीन पर किस दल का माहौल है। इनके चुनाव परिणाम जिस दल के पक्ष में होंगे, उसी दल का पलड़ा भारी माना जाएगा।

2- अक्टूबर-नवंबर में होंगे राज्यसभा चुनाव

अक्टूबर-नवंबर में राज्यसभा में यूपी कोटे की 11 सीटें खाली हो रही हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, डॉ. दिनेश शर्मा, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, पूर्व डीजीपी बृजलाल और रामजीलाल सुमन शामिल हैं। इनके अलावा सपा के वरिष्ठ राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव भी शामिल हैं।
विधानसभा में एनडीए की सदस्य संख्या 291 है। तीन असंबद्ध विधायक भी भाजपा के साथ हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक का भी भाजपा को समर्थन रहता है। ऐसे में एनडीए के वोटों की संख्या 296 तक रहेगी।
वहीं, सपा के 103 विधायक हैं। राज्यसभा चुनाव में भाजपा को 8 और सपा की तीन सीट मिलना तय है। लेकिन, 2024 की तर्ज पर भाजपा 9वीं सीट के लिए जद्दोजहद करेगी। सपा को तीसरी सीट बचाने के लिए संघर्ष करना होगा।

3- 2027 का रुख बताएंगे विधान परिषद चुनाव

विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दिसंबर, 2026 में विधान परिषद की शिक्षक स्नातक क्षेत्र की 11 सीटों पर चुनाव होगा। इनमें से अभी 6 सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि 3 सीटों पर सपा का कब्जा है। एक सीट पर शिक्षक दल गैरराजनीतिक और एक सीट पर निर्दलीय काबिज है।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले एमएलसी चुनाव होना है। चुनाव में शिक्षक और स्नातक वर्ग के मतदाता मतदान करेंगे। यही मतदाता हैं, जो सोच समझकर और मौके की नजाकत को देखते हुए मतदान करते हैं। लिहाजा इन चुनाव के परिणाम बताएंगे कि 2027 विधानसभा चुनाव में हवा का रुख किस ओर है।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close