यूजीसी के विरोध में शिक्षा स्वाभिमान यात्रा,छात्रों के भविष्य के लिए सड़कों पर उतरा काशी

शिक्षा किसी सरकार की बपौती नहीं यह राष्ट्र की आत्मा है,छात्रों के अधिकारों से समझौता कर कोई भी कानून देश का भविष्य नहीं बना सकता – डॉ.सचिन्द्र नाथ जी महाराज ||
आज यह लड़ाई किसी दल की नहीं,हमारे बच्चों के भविष्य की लड़ाई है – डॉ.सचिन्द्र नाथ जी महाराज |
वाराणसी :- यूजीसी द्वारा लाए जा रहे शिक्षा विरोधी प्रावधानों के खिलाफ 24 फ़रवरी मंगलवार को वाराणसी में “शिक्षा स्वाभिमान यात्रा” का आयोजन किया गया | यह यात्रा धर्मसंघ से प्रारंभ होकर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (लंका) तक निकाली गई | इस यात्रा का नेतृत्व पूज्य श्री श्री 1008 डॉ.सचिन्द्र नाथ जी महाराज,श्रीकुल पीठ वाराणसी ने किया | अपने उद्बोधन में पूज्य महाराज ने कहा कि शिक्षा किसी सरकार की बपौती नहीं यह राष्ट्र की आत्मा है | छात्रों के अधिकारों से समझौता कर कोई भी कानून देश का भविष्य नहीं बना सकता | आज यह लड़ाई किसी दल की नहीं,हमारे बच्चों के भविष्य की लड़ाई है |
यात्रा में ईश्वर सनातनी,कृष्णानंद पांडे, अधिवक्ता छोटू पांडेय अनुराग,शशि प्रकाश सिंह,अरुण पाण्डेय,अधिवक्ता रविंद्र मिश्रा,शशांक शेखर त्रिपाठी, आकाश पांडे,रामनयन मणि त्रिपाठी, सूरजमानी त्रिपाठी,सुजीत अधिकारी,पवन सूर्यवंशी,राजू राजभर,सिद्धार्थ,सूर्य प्रकाश,भानु प्रताप सहित काशी विद्यापीठ एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के छात्र, छात्राओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की | सभी वक्ताओं ने एक स्वर में सरकार से मांग की कि यूजीसी से जुड़े ऐसे सभी नियम और कानून,जो शिक्षा,छात्रों और शिक्षकों के हितों के विरुद्ध हैं उन्हें तत्काल वापस लिया जाए |
यात्रा का मूल संदेश सबका साथ हो, सबका सम्मान हो,सबका अधिकार हो | कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रहित,शिक्षा संरक्षण और सामाजिक सद्भाव के लिए सामूहिक संकल्प लिया गया ||
























