वाराणसी/उत्तरप्रदेश

बीएचयू के रुइया हॉस्टल में छात्रों के दो गुटों में खूनी संघर्ष, परिसर में तनाव; भारी पुलिस बल तैनात

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वाराणसी 29 जनवरी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का रुइया छात्रावास गुरुवार को अखाड़ा बन गया। संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय स्थित इस छात्रावास के गेट पर दोपहर करीब 3:30 बजे छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट में दो छात्र घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

विवाद की वजह: पुरानी रंजिस एवं जातिगत टिप्पणी का आरोप

मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत मामूली कहासुनी से हुई थी। आरोप है कि तीन छात्रों ने मिलकर एक छात्र पर हमला कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, विवाद की जड़ पुरानी रंजिस एवं जातिगत टिप्पणी को लेकर उपजा तनाव बताया जा रहा है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से पहले जांच की बात कह रहे हैं।

ट्रॉमा सेंटर में भर्ती, सिर में गंभीर चोट

मारपीट के दौरान दो छात्र घायल हुए हैं। घायल छात्र पीयूष तिवारी के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसके बाद उसे तुरंत बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। घटना की खबर फैलते ही छात्रावास परिसर में अफरा-तफरी मच गई और भारी संख्या में छात्र रुइया हॉस्टल के गेट पर जमा हो गए।

सड़कों पर उतरे छात्र, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी

घटना से आक्रोशित लगभग 50-60 छात्र प्राक्टोरियल बोर्ड से वार्ता करने पहुंचे और सुरक्षा में चूक का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और छात्र बिरला चौराहे पर जुट गए। छात्रों का कहना है कि:

परिसर में आए दिन हिंसक घटनाएं हो रही हैं।

प्रशासनिक ढुलमुल रवैये के कारण छात्रों में असुरक्षा की भावना है।

दोषियों के खिलाफ तत्काल और ठोस दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

छावनी में बदला परिसर, PAC तैनात

तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए लंका थाना पुलिस और बीएचयू चौकी प्रभारी भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ती देख पीएसी (PAC) को भी बुला लिया गया। शाम करीब 6:00 बजे पुलिस ने बिरला ‘सी’ ब्लॉक में आरोपित छात्रों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया, जिससे एक बार फिर माहौल गरमा गया। हालांकि, अधिकारियों की सूझबूझ और काफी समझाने-बुझाने के बाद छात्र शांत हुए।

Sallauddin Ali

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