वाराणसी/उत्तरप्रदेश

प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा सर सुंदरलाल अस्पताल तथा Varanasi Obs & Gynae Society के संयुक्त तत्वावधान में प्रसूति अल्ट्रासोनोग्राफी पर एक सिमुलेशन आधारित कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

वाराणसी। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय द्वारा सर सुंदरलाल अस्पताल तथा Varanasi Obs & Gynae Society के संयुक्त तत्वावधान में प्रसूति अल्ट्रासोनोग्राफी पर एक सिमुलेशन आधारित कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यावहारिक कौशल को सुदृढ़ करना था।

आधुनिक प्रसूति चिकित्सा में अल्ट्रासोनोग्राफी में दक्षता अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यशाला सैद्धांतिक ज्ञान और नैदानिक कौशल के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से आयोजित की गई, जिसमें विशेष रूप से भ्रूण की समुचित वृद्धि (Fetal Growth Optimization) तथा जन्मजात विकृतियों की रोकथाम (Birth Defect Reduction) पर बल दिया गया।

कार्यशाला के अंतर्गत प्रतिभागियों को आधुनिक सिमुलेशन तकनीक की सहायता से सुरक्षित एवं नियंत्रित वातावरण में हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों को भ्रूण की वृद्धि के मूल्यांकन तथा भ्रूण की जन्मजात असामान्यताओं की पहचान के लिए नवीनतम अल्ट्रासोनोग्राफी दिशानिर्देशों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त अल्ट्रासोनोग्राफी रिपोर्ट की व्याख्या तथा अल्ट्रासाउंड-निर्देशित प्रक्रियाओं की समझ विकसित करने पर भी विशेष बल दिया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वर्तमान एनएमसी दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया तथा रेजिडेंट प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस कार्यशाला का आयोजन आयोजन अध्यक्ष प्रो. डॉ. संगीता राय के नेतृत्व में किया गया।

कार्यशाला के आयोजन सचिव डॉ. शिखा सचान एवं डॉ. जिज्ञासा सिंह थे।

कार्यक्रम का संचालन वोग्स (VOGS) अध्यक्ष डॉ. शालिनी टंडन तथा वोग्स सचिव डॉ. शुचि जैन के मार्गदर्शन में किया गया।

विभाग की सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अनुराधा खन्ना तथा डॉ. निशा रानी अग्रवाल की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष सम्मान प्रदान किया।

कार्यक्रम में वोग्स की अन्य विशिष्ट सदस्य डॉ. रितु खन्ना, डॉ. उषा यादव, डॉ. मधुलिका सिंह एवं डॉ. दिव्या अग्रवाल भी उपस्थित रहीं।

कार्यशाला में संकाय सदस्यों के रूप में डॉ. अंजली रानी, डॉ. ममता, डॉ. साक्षी तथा डॉ. लावण्या का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस कार्यशाला में स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए अल्ट्रासोनोग्राफी कौशल को विकसित करने तथा Fetal medicine देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ।

आयोजकों ने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती रहेंगी, जिससे चिकित्सकों के कौशल विकास तथा मातृ एवं भ्रूण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close