प्रयागराज-उत्तरप्रदेश

पुलिसिया ‘हाफ एनकाउंटर’ पर हाईकोर्ट सख्त: कहा- सजा देना सिर्फ न्यायपालिका का हक, पुलिस का नहीं

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

प्रयागराज 31जनवरी: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के पैरों में गोली मारने की बढ़ती घटनाओं, जिन्हें बोलचाल की भाषा में ‘हाफ एनकाउंटर’ कहा जाता है, पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी अभियुक्त को सजा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। अदालत ने इसे ‘कानून के शासन’ और ‘सांविधानिक मर्यादाओं’ का खुला उल्लंघन करार दिया है।

प्रमुख बिंदु: अदालत की फटकार के बीच क्या रहा खास?

संदेह के घेरे में मुठभेड़: जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने नोट किया कि हाल के दिनों में चोरी और लूट जैसे छोटे अपराधों में भी पुलिस मुठभेड़ दिखाकर आरोपियों के पैर में गोली मार रही है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि अक्सर इन मुठभेड़ों में किसी पुलिसकर्मी को चोट क्यों नहीं आती?

शीर्ष अधिकारियों की पेशी: मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और डीजीपी राजीव कृष्णा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तलब किया।

अवमानना की चेतावनी: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी हुई, तो इसे कोर्ट की अवमानना मानकर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

क्या था मामला?

यह आदेश राजू उर्फ राजकुमार की जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान आया। याची के वकील कुसुम मिश्रा ने दलील दी कि राजू को झूठे केस में फंसाया गया और कथित मुठभेड़ के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित गाइडलाइन्स का पालन नहीं किया गया। पीठ ने दलीलों से सहमत होते हुए राजू को सशर्त जमानत दे दी।

“छोटे अपराधों में भी पैर में गोली मारना और पुलिस का सुरक्षित बच निकलना मुठभेड़ की सत्यता पर संदेह पैदा करता है।” — इलाहाबाद हाईकोर्ट

सरकार का पक्ष

सुनवाई के दौरान हाजिर हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने अदालत को भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए नए सर्कुलर जारी कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close