पीएम विश्वकर्मा योजना से कुटीर उद्यमियों को मिला नव जीवन – राजेश कुमार सिंह

वाराणसी :- औद्योगिक आस्थान चांदपुर में एमएसएमइ डीएफओ वाराणसी द्वारा पीएम विश्वकर्मा प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न कुटीर उद्यमियों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए गए | इस प्रदर्शनी में स्थानीय शिल्पकारों और उद्यमियों ने अपने पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन किया जिसे लोगों ने काफी सराहा | कार्यक्रम के दौरान लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारत को प्राचीन समय में सोने की चिड़िया इसलिए कहा जाता था क्योंकि देश के गांवों में ही जीवनोपयोगी लगभग सभी वस्तुओं का निर्माण हो जाता था और विदेशी वस्तुओं की आवश्यकता नहीं पड़ती थी |
लोहार,बढ़ई,दर्जी,कुम्हार और बुनकर जैसे पारंपरिक कारीगरों द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों से समाज की आवश्यकताएं पूरी होती थीं उन्होंने बताया कि लघु उद्योग भारती संगठन काशी प्रांत द्वारा काशी और पूर्वांचल क्षेत्र में ग्राम शिल्पी प्रकोष्ठ के माध्यम से अभियान चलाया जा रहा है जिसका उद्देश्य कुटीर उद्यमियों को प्रशिक्षित कर उन्हें नौकरी तलाशने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है |
इस पहल के तहत गुलाबी मीनाकारी और लकड़ी के खिलौने जैसे पारंपरिक शिल्प से जुड़े कारीगरों को विशेष लाभ मिल रहा है उन्होंने कहा कि एमएसएमइ डीएफओ वाराणसी के सहयोग से संगठन द्वारा कुटीर उद्यमियों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता की जा रही है | पीएम विश्वकर्मा योजना के माध्यम से छोटे शिल्पियों,बुनकरों और कुटीर उद्यमियों को आर्थिक और तकनीकी सहायता मिल रही है जिससे उनके व्यवसाय को नई ऊर्जा मिली है |
कार्यक्रम में हंसराज विश्वकर्मा (एमएलसी),विद्यासागर राय,एल.वी.एस. यादव (निदेशक एमएसएमइ प्रयागराज), अभिषेक प्रियदर्शी (उपायुक्त उद्योग, वाराणसी),राजेश चौधरी (इंचार्ज एमएसएमइ वाराणसी),वी.के.राणा,रितेश बरनवाल (सहायक निदेशक एमएसएमइ) तथा काफी संख्या में कुटीर उद्यमी उपस्थित रहे ||




























