जी एम डी ए साझेदारी के तहत नेहरू पार्क में खुला पूरबी मिल्क बूथ

गुवाहाटी, 20 नवंबर, 2025: पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े डेयरी सहकारी ब्रांड “पूरबी” ने गुरुवार को गुवाहाटी के नेहरू पार्क के पास एक नया मिल्क बूथ उद्घाटित किया, जो गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण (जी एम डी ए) के साथ उसके सहयोग के तहत शुरू किया गया पहला बूथ है। इस पहल का उद्देश्य पार्क आने वाले लोगों, मॉर्निंग वॉकर्स, छात्रों और गुवाहाटी शहर के निवासियों को उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद और भी सुलभ कराना है।
इस मिल्क बूथ का उद्घाटन असम सरकार के सहकारिता मंत्री श्री जोगेन महन द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री अनंत लाल ग्यानी, आई ए एस, सचिव, सहकारिता विभाग, जी एम डी ए तथा जी एम डी ए और पूरबी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस सहयोग के तहत जी एम डी ए ने गुवाहाटी में पूरबी के प्री-फैब्रिकेटेड मिल्क बूथ स्थापित करने के लिए तीन स्थान उपलब्ध कराए हैं। नेहरू पार्क में आज शुभारंभ होने के बाद, दो और बूथ — एक श्रद्धांजलि कानन, आर.जी. बरुआ रोड के पास और दूसरा अटल उद्यान, आदाबारी के निकट — जल्द ही खोले जाएंगे।
उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मंत्री जोगेन महन ने पूरबी और जी एम डी ए के बीच हुए इस सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, “पूरबी डेयरी किसानों को सशक्त बनाने, दूध उत्पादन बढ़ाने और असम के उपभोक्ताओं को सुरक्षित व पौष्टिक उत्पाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जी एम डी ए के साथ यह पहल नागरिकों को बड़ा लाभ देगी और राज्य के डेयरी इकोसिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करेगी। असम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिश्व शर्मा ने असम डेयरी डेवलपमेंट प्लान नामक एक दूरदर्शी परिवर्तन योजना तैयार की है। उन्होंने संगठित सहकारी डेयरी क्षेत्र में प्रतिदिन 10 लाख लीटर दूध के प्रबंधन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन मिल्क बूथों की स्थापना इसी दूरदर्शिता एक हिस्सा है।”
इस मौके पर मौजूद जी एम डी ए के एक अधिकारी ने कहा,“गुवाहाटी के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले सार्वजनिक स्थलों पर ये कियोस्क स्थापित करने में पूरबी के साथ सहयोग करके हम बेहद खुश हैं। पूरबी के साथ अपने इस जुड़ाव को हम नागरिकों की सुविधा बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पादों तक उनकी पहुंच को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखते हैं।”
पूरबी उत्पादों का उत्पादन वेस्ट असम मिल्क प्रोड्यूसर्स’ कोऑपरेटिव यूनियन लिमिटेड (वामूल) द्वारा किया जाता है और इनका विपणन नॉर्थ ईस्ट डेयरी एंड फूड्स लिमिटेड (एन ई डी एफ एल) द्वारा किया जाता है, जो असम सरकार और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एन डी डी बी) के बीच एक संयुक्त उद्यम है। एन ई डी एफ एल क्षेत्रभर में अपने वितरण नेटवर्क को लगातार मजबूत कर रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को ताज़ा और पौष्टिक डेयरी उत्पाद आसानी से उपलब्ध हो सकें।
श्री सत्य ब्रत बोस, प्रबंध निदेशक, एन ई डी एफ एल ने कहा “पूरबी में हमारा मिशन है कि असम के हर घर तक सुरक्षित, पौष्टिक और उच्च-गुणवत्ता वाले डेयरी उत्पाद पहुंचें। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर आधुनिक मिल्क बूथों के हमारे नेटवर्क का विस्तार करके हम पूरबी को लोगों के और अधिक करीब ला रहे हैं और खाद्य सुरक्षा को भी मज़बूत कर रहे हैं। जी एम डी ए के साथ यह सहभागिता नागरिकों के लिए स्वस्थ विकल्पों को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है,”।
नया बूथ गुवाहाटी के कई रणनीतिक स्थानों पर स्थापित किए गए पूरबी डेयरी के तेज़ी से बढ़ते आधुनिक कियोस्क नेटवर्क को जोड़ता है। इनमें जी एम सी एच परिसर, ए एस टी सी–आई एस बी टी खानापारा, जनता भवन के प्रवेश द्वार, असम स्टेट ज़ू के सामने सहित अन्य अधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र शामिल हैं।
विश्व बैंक वित्तपोषित अपार्ट (ए पी ए आर टी) परियोजना के तहत वामुल द्वारा खरीदे गए इन प्री-फैब्रिकेटेड बूथों में विज़ी-कूलर, चेस्ट फ्रीज़र, डीप फ्रीज़र और इंसुलेटेड कोल्ड-चेन सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो पूरे दिन उत्पादों की सुरक्षा और ताज़गी सुनिश्चित करती हैं। इन्हें विशेष रूप से व्यस्त उपभोक्ताओं के लिए सुविधा बढ़ाने और उन्हें स्वास्थ्यकर खाद्य विकल्पों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।
पूरबी डेयरी असम के डेयरी क्षेत्र को बदलने में एक अहम भूमिका निभा रही है। किसान-समूहों और उत्पादक समूहों को समर्थन देने से लेकर आधुनिक प्रसंस्करण पद्धतियों को अपनाने और उपभोक्ता पहुँच बढ़ाने तक— पूरबी लगातार प्रभावशाली कदम उठा रही है। अपने नवाचारपूर्ण फ्रेंचाइज़-आधारित कियोस्क मॉडल के माध्यम से पूरबी स्थानीय उद्यमियों के लिए नए रोज़गार और आजीविका के अवसर भी पैदा कर रही है।





