असम/गुवाहाटी

जीएनआरसी हॉस्पिटल की नई उपलब्धि: कैंसर केयर

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रोगियों को इस नई सुविधा से बहुत फायदा हुआ है।

‘कैंसर केयर में उत्कृष्टता केंद्र’ नामक इस सुविधा ने शुरुआत में ही लोगों के बीच लोकप्रियता हासिल की है और एक नई मिसाल कायम की है।

6 महीनों में 300 से अधिक जीवन को छुआ।

25 जटिल सुप्रा-मेजर कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं।

गुवाहाटी, असम: जीएनआरसी हॉस्पिटल ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और ‘कैंसर केयर में उत्कृष्टता केंद्र’ की उल्लेखनीय सफलताओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।

इस केंद्र की स्थापना के 6 महीने बाद ही पिछले 3 महीनों में प्राप्त उल्लेखनीय सफलताओं ने इसे कैंसर सेवाओं के लिए एक विश्वसनीय संस्थान के रूप में स्थापित किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में जीएनआरसी हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष मालाकार और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के प्रमुख डॉ. युवराज कलिता ने पत्रकारों को संबोधित किया।

डॉ. युवराज कलिता के नेतृत्व में टीम ने ‘कैंसर केयर में उत्कृष्टता केंद्र’ की तेजी से प्रगति पर प्रकाश डाला।

विशेष रूप से 25 जटिल सुप्रा-मेजर कैंसर सर्जरी की सफलता ने इसकी विशेषज्ञता और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।

मेडिकल ऑन्कोलॉजी और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के संयोजन से ‘कैंसर केयर में उत्कृष्टता केंद्र’ ने रोगियों को निरंतर देखभाल प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

जल्द ही जीएनआरसी हॉस्पिटल रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन को जोड़कर एक ‘स्टेट-ऑफ-द-आर्ट कैंसर केयर सेंटर’ स्थापित करने का लक्ष्य रखता है।

इस केंद्र ने उच्च जटिलता वाले ऑन्कोलॉजी रोगियों की सफल देखभाल के लिए विभिन्न प्रकार के कैंसर का इलाज किया है, जिनमें सिर और गर्दन का कैंसर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर, यूरो-ऑन्कोलॉजी, हेपेटो-बिलियो-पैंक्रियाटिक कैंसर, गायनकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी, स्तन कैंसर और सॉफ्ट टिश्यू आदि शामिल हैं।

सर्जरी टीम के सदस्यों ने व्हिपल की प्रक्रिया, साइटोरेडक्टिव सर्जरी और पार्शियल स्कैप्युलेक्टॉमी जैसी जटिल प्रक्रियाओं को कुशलतापूर्वक पूरा करके कैंसर रोग के इलाज के लिए एक नया मानक स्थापित किया है।

सर्जरी में उत्कृष्टता के अलावा ‘कैंसर केयर में उत्कृष्टता केंद्र’ ने लगभग 200 सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी परामर्श, लगभग 80 मेडिकल ऑन्कोलॉजी ओपीडी परामर्श, 20 रोगियों के लिए कीमोथेरेपी और लगभग 25 बायोप्सी और इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी प्रक्रियाएं जैसी नैदानिक सेवाएं प्रदान की हैं।

‘सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. युवराज कलिता ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, ‘केंद्र में किए गए 25 बड़े ऑपरेशन में से प्रत्येक चुनौतीपूर्ण था।

इन जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा करके रोगियों के चेहरे पर मुस्कान लाने में सक्षम होना हमारी सफलता है। गैस्ट्रोस्टोमी, साइटोरेडक्शन, मैक्सिलेक्टॉमी (इंट्राऑरल) और स्कैप्युलेक्टॉमी सभी रोगियों को सुरक्षित रूप से घर भेज दिया गया है और उन्हें हमारे अस्पताल में आकर कीमोथेरेपी लेने की व्यवस्था की गई है।’

HALIMA BEGUM

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