गोशाला में गायों की मौत का मामला पहुँचा मानवाधिकार आयोगUPHRC ने शिकायत दर्ज कर जारी किया डायरी नंबर, प्रशासनिक लापरवाही पर शिकंजा
गोशाला में गायों की मौत का मामला पहुँचा मानवाधिकार आयोग
UPHRC ने शिकायत दर्ज कर जारी किया डायरी नंबर, प्रशासनिक लापरवाही पर शिकंजा
मुरादाबाद/लखनऊ।
जनपद मुरादाबाद के अगवानपुर-भटावली स्थित अस्थायी गोशाला में लगातार गायों की हो रही मौतों के मामले को उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग (UPHRC) ने गंभीरता से लेते हुए शिकायत को औपचारिक रूप से दर्ज कर लिया है। आयोग द्वारा इस प्रकरण को डायरी संख्या 586/IN/2026 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है।

यह शिकायत World Accreditation of Human Rights संस्था से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता जरीस मलिक द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रशासनिक निरीक्षण और आश्वासनों के बावजूद गोशाला में गायों की मृत्यु का सिलसिला नहीं रुका, जो स्पष्ट रूप से प्रणालीगत (Systemic) एवं राज्य-प्रायोजित लापरवाही को दर्शाता है।
शिकायत में कहा गया है कि 20 जनवरी 2026 को प्रकाशित समाचारों के अनुसार अब तक उक्त गोशाला में कई गायों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि जिम्मेदार विभागों द्वारा उपचार, पोषण, चारा, शेल्टर एवं 24×7 निगरानी के दावे किए गए थे। इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
मानवाधिकार आयोग में दायर शिकायत में इस पूरे मामले को
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और गरिमा का अधिकार)
Doctrine of Public Trust
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960
का उल्लंघन बताया गया है।
शिकायतकर्ता ने आयोग से मांग की है कि इस मामले में
दोषी अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई,
प्रत्येक मृत गाय के लिए राज्य की ओर से मुआवज़ा,
गोशाला में स्वतंत्र पशु चिकित्सकों की टीम,
आपात पोषण व चिकित्सा व्यवस्था
तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस नीतिगत निर्देश जारी किए जाएं।
सूत्रों के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के बाद अब आयोग संबंधित जिलाधिकारी एवं विभागों से जवाब तलब कर सकता है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला प्रशासन के लिए गंभीर संकट बन सकता है।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क






