गंगा की पवित्रता पर सवाल:गायघाट पर प्रदूषण फैलाने वाली डीजल नावों का संचालन जारी,वायु प्रदूषण बढ़ाने का आरोप

वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध गायघाट पर एक बार फिर गंगा नदी में प्रदूषण का गंभीर मामला सामने आया है।स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों के अनुसार,यहां कुछ नाव संचालक अभी भी पुरानी डीजल इंजन वाली नावों का संचालन कर रहे हैं,जो काला धुआं छोड़कर वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रही हैं।
एक वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि ये नावें गंगा की लहरों पर तेजी से चलते हुए काला धुआं उगल रही हैं,जिससे न केवल नदी का जल प्रदूषित हो रहा है बल्कि आसपास की हवा भी जहरीली हो रही है।नाविकों का कहना है कि डीजल इंजन से निकलने वाला धुआं और तेल का रिसाव सीधे गंगा में मिल रहा है,जो पहले से ही प्रदूषण से जूझ रही मां गंगा के लिए बड़ा खतरा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कई नावों में से काफी संख्या अभी भी डीजल पर चल रही है,जिससे वायु और जल दोनों तरह का प्रदूषण बढ़ रहा है। पर्यावरणविदों का कहना है कि ऐसे इंजनों से निकलने वाला सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य जहरीले गैस नदी के जीव-जंतुओं के साथ-साथ घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हैं।
प्रशासन से मांग की जा रही है कि गायघाट पर तत्काल निरीक्षण कर ऐसी प्रदूषण फैलाने वाली नावों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सभी नावों को प्रदूषण मुक्त ईंधन पर शिफ्ट करने की समयबद्ध योजना लागू की जाए।






