वाराणसी/उत्तरप्रदेश

काशी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की योगी को चुनौती: ‘हिंदू होने का प्रमाण दें’, 40 दिन का अल्टीमेटम

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

काशी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी से ‘हिंदू होने का प्रमाण’ देने की मांग करते हुए 40 दिन का अल्टीमेटम दिया।
काशी में शुक्रवार को सनातन और सत्ता से जुड़ा एक बड़ा राजनीतिक और धार्मिक बयान सामने आया जब Swami Avimukteshwaranand ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को उनके हिंदू होने का प्रमाण देने की खुली चुनौती दी। प्रयागराज से शुरू हुआ यह विवाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वाराणसी आगमन के बाद एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया। काशी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जब उनसे उनके पद और परंपरा का प्रमाण पत्र मांगा गया तो उन्होंने सहज भाव से वह सौंप दिया अब समय आ गया है कि मुख्यमंत्री अपनी धार्मिक निष्ठा को प्रमाणित करें।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि धर्म और सत्ता की निर्णायक परीक्षा का दौर शुरू हो चुका है और वर्तमान समय में गोमाता की रक्षा और गोहत्या बंदी की मांग करना ही सबसे बड़ा अपराध बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारत में जब जब इस मुद्दे को उठाया गया तब तब सरकारों ने उसे कठोरता से कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने वर्ष 1966 के दिल्ली गोरक्षा आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी संतों और गोभक्तों पर गोलियां चलाई गई थीं और धर्मसम्राट स्वामी करपात्री जी महाराज सहित अनेक सनातनियों को प्रताड़ित किया गया था।

उन्होंने कहा कि आज वही स्थिति दोहराई जा रही है और गो रक्षा की आवाज उठाने के कारण उन पर और उनके समर्थकों पर तरह तरह के अत्याचार किए जा रहे हैं। यहां तक कि उनसे उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण भी मांगा गया और उनकी छवि को सनातनी समाज के बीच धूमिल करने के प्रयास किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सभी कार्रवाइयों का नेतृत्व स्वयं मुख्यमंत्री अपने विश्वस्त लोगों के माध्यम से कर रहे हैं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि वह इन घटनाओं से विचलित नहीं होंगे और समस्त सनातनी समाज के साथ मिलकर गो रक्षा के अपने संकल्प को और दृढ़ता से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि धर्म सत्ता के प्रमाण पत्रों का मोहताज नहीं होता लेकिन अब सत्ता को अपनी धार्मिक निष्ठा सिद्ध करनी होगी। उनके अनुसार हिंदू होना केवल भाषणों या प्रतीकों तक सीमित नहीं है बल्कि उसकी वास्तविक कसौटी गो सेवा और धर्म रक्षा है।

उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गोमाता को आधिकारिक रूप से राज्यमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए जिस प्रकार महाराष्ट्र सरकार ने देशी गायों को यह सम्मान दिया है और जिस तरह नेपाल में गाय राष्ट्रीय पशु है। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की पवित्र भूमि से हर प्रकार के मांस निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मांस निर्यात के नाम पर गोवंश की हत्या का खेल चल रहा है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार देश के कुल मांस निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी चालीस प्रतिशत से अधिक है।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
close