वाराणसी/उत्तरप्रदेश

काशी में कश्मीर की टीम हिजाब पहनकर खेलेंगी :- प्लेयर बोली- ये हमारी आजादी की पहचान, हम इसे पहनकर अपना बेस्ट देंगे

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वाराणसी :- ‘हिजाब हमारी आजादी है। इसे पहनकर खेलने से हम और अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं। कभी किसी ने नहीं रोका और घर का फुल सपोर्ट है, तब हम यहां कश्मीर से वाराणसी तक पहुंचे हैं। किसी को ये नहीं सोचना चाहिए कि हिजाब लगाते हैं तो कैसे खेलेंगे। ये हमारा फ्रीडम है न कि बंदिश।’

ये बातें सीनियर नेशनल वॉलीबाल टूर्नामेंट में जम्मू-कश्मीर की टीम से खेलने वाली सदफ मंजूर ने कही। सदफ 2 साल से वॉलीबाल खेल रही हैं। जम्मू-कश्मीर से वाराणसी पहुंची महिला टीम में 14 खिलाड़ी हैं। जिनमें 6 लड़कियां हिजाब लगाकर कोर्ट में उतरेंगी। इनमें से कई 6 से साल से तो कई दो साल से वॉलीबाल खेल रही हैं।

वाराणसी में आज यानी 4 जनवरी से 72वीं नेशनल वालीबाल प्रतियोगिता शुरू हो रही है। मीडिया ने जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट…

जम्मू-कश्मीर टीम की उन खिलाड़ियों से बात जो हिजाब लगाकर खेलेंगी…

  • हमारी आजादी की पहचान है हिजाब

जम्मू-कश्मीर की महिला टीम की प्लेयर सदफ मंजूर ने कहा-हम हिजाब पहनकर खेल रहे हैं तो यह कोई बंदिश नहीं बल्कि यह हमारी आजादी, हमारा फ्रीडम है। मुझे 2 साल हुए इस खेल में आये और कभी मुझसे किसी ने नहीं कहा कि आप हिजाब बिना पहने कोर्ट में उतरिये। या कोर्ट में हिजाब नहीं पहनना है।

हमारे कोच और स्टाफ का हमेशा सपोर्ट मिला। हम कोर्ट में आए और अपना बेस्ट दिया।

मोबाइल और नशे की जगह स्पोर्ट्स में आए युवा

सदफ मंजूर ने कहा- हमें कभी कोई दिक्कत हिजाब की वजह से नहीं हुई। जहां भी गए वहां अन्य खिलाड़ियों और पब्लिक से प्यार ही मिला। इसके अलावा हमें घर का सपोर्ट था। सदफ ने कहा – नौजवान जो आज मोबाइल, नशे और गंदी चीजों में उलझा हुआ है।

उसे स्पोर्ट्स में आना चाहिए। इससे उसका करियर भी बनेगा और वो हमेशा खुश रहेगा और परिवार के लिए कुछ कर पाएगा। कश्मीर के बारे में बात करते हुए कहा वहां जब से हमने होश संभाला सब नार्मल है कोई दिक्कत नहीं है।

बनारस घूमकर ही जाएंगे वापस

काशी आने पर सदफ ने कहा- पहली बार हम यूपी आए हैं। काशी तो प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। यहां घूमकर भी जाएंगे। बनारस का नाम बहुत पढ़ा है।

कभी कोई दिक्कत नहीं हुई

श्रीनगर की रहने वाली शाफिया ने कहा- 6 साल हो गए मुझे खेलते और ये मेरा दूसरा नेशनल टूर्नामेंट है। पिछली बार हम लोगों ने जयपुर में खेला था। शाफिया ने हिजाब पर कहा -बचपन से ही परिजनों ने हिजाब लगा दिया लेकिन कभी यह हमारे लिए दिक्कत का कारण नहीं बना बल्कि यह हमें एक आजादी का एहसास करवाता है। हमें इस पहनकर बहुत कंफर्टेबल हैं। कोर्ट पर भी हमेशा पब्लिक और स्टाफ का सपोर्ट मिला है।

यह हमारी पहचान, दिखाएंगे बेस्ट खेल

6 साल से वालीबाल खेल रहीं आयत श्रीनगर की रहने वाली हैं। आयत से जब हिजाब पर बात की गई तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- कैसी दिक्कत यह तो हमारी पहचान है। इससे ही हमें जाना जाता है। खेल में कभी कोई दिक्कत हमें नहीं होती इसे पहनने के बाद। घर से, स्कूल से और स्पोर्ट्स स्टाफ से हमें काफी सारा सपोर्ट मिलता है। जिसके बाद हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उम्मीद है काशी भी हमें प्यार देगी और हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं।

कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

इनके साथ खेलने में कोई दिक्कत नहीं

टीम की सबसे एक्सपीरियंस खिलाड़ी और टीम की कप्तान और अटैकर पोजिशन से खेलने वाली इशिमा वर्मा ने बताया-8 साल से वालीबाल अपने स्टेट के लिए खेल रही हूं। अभी तक एक सब जूनियर नेशनल और 6 नेशनल प्रतियोगिता खेल चुकी हूं।

कई खिलाड़ी हमारी टीम में ऐसी हैं जो हिजाब लगाकर खेलेंगी और खेलती हैं। अच्छा लगता है कि ये बंदिशों को तोड़कर ऐसे खेल रही हैं। इन्हे ऐसे खेलने में कोई दिक्कत नहीं है तो हमें कैसी दिक्कत। हमें और सपोर्ट मिलता है इनका और हमारी टीम अच्छा प्रदर्शन करती है।

खेल में कोई धर्म नहीं होता

जम्मू-कश्मीर टीम के हेड कोच बलविंदर सिंह जंबाल ने बताया- कोई भी खेल हो वहां धर्म नहीं खेल सर्वोपरि होता है। यहां कोई धर्म नहीं होता। जो अच्छा खेलेगा वो यहां होगा। हिजाब लगाकर अगर कोई खेल रहा है। तो ये उसका फैसला है और खेल के नियमानुसार ही खेल होगा। उसमे जो नियम दिए गए हैं उसके अनुसार जितना हिजाब करना है जैसे करना है वैसे करके हमारी टीम में भी 6 खिलाड़ी हिजाब के साथ खेलेंगी।

Sallauddin Ali

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