लखनऊ-उत्तरप्रदेश

काशी के बाद शहर की राजधानी लखनऊ में की गई उपनिरीक्षक दीपक रनावत और मनीष कुमार मिश्रा के कार्यों की सराहना

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काशी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उपनिरीक्षक दीपक रनावत और मनीष कुमार मिश्रा (प्रभारी स्वाट/सर्विलांस) को लखनऊ में सराहनीय कार्यों के लिए DCP उत्तरी जोन द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वाराणसी पुलिस विभाग में जब जुनून और ईमानदारी का मेल होता है, तो उसकी गूँज दूर तक सुनाई देती है। कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है काशी में नियुक्त रहे उपनिरीक्षक दीपक रनावत एवं उपनिरीक्षक मनीष कुमार मिश्रा (प्रभारी स्वाट/सर्विलांस) ने। अपनी कार्यकुशलता और अपराध नियंत्रण में तकनीकी दक्षता के लिए पहचाने जाने वाले इन दोनों अधिकारियों को उनके सराहनीय कार्यों एवं घटनाओं के त्वरित अनावरण हेतु डीसीपी उत्तरी जोन IPS गोपाल कृष्णा चौधरी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

लखनऊ में भी जारी है जांबाजी का सिलसिला – राजधानी लखनऊ के उत्तरी जोन में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जटिल मामलों को सुलझाने में उपनिरीक्षक दीपक रनावत एवं उपनिरीक्षक मनीष कुमार मिश्रा (प्रभारी स्वाट/सर्विलांस) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। डीसीपी उत्तरी जोन श्री गोपाल कृष्णा चौधरी ने उनके समर्पण को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया, जिससे न केवल इन अधिकारियों का मनोबल बढ़ा है, बल्कि विभाग में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ है।

काशी: वो कर्मभूमि जहाँ दीपक रनावत ने गाड़े सफलता के झंडे – बताते चलें कि दीपक रनावत के लिए काशी केवल एक तैनाती का जिला नहीं, बल्कि उनकी ‘कर्मभूमि’ रही है। काशी में किए गए उनके उत्कृष्ट कार्यों का लोहा लखनऊ तक माना जा रहा है।

दीपक रनावत की उपलब्धियों पर एक नज़र: पूर्व में काशी में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें DGP उत्तर प्रदेश द्वारा प्रशंसा चिन्ह प्रदान किया जा चुका है। साहस और वीरता के लिए उन्हें शौर्य पदक से भी अलंकृत किया गया है। इसके अलावा, विभिन्न चुनौतीपूर्ण केसों के सफल खुलासे के लिए उन्हें कई अन्य राजकीय अवार्डों से सम्मानित किया जा चुका है।

स्वाट और सर्विलांस टीम का बढ़ा मान – वहीं, उपनिरीक्षक मनीष कुमार मिश्रा (प्रभारी स्वाट/सर्विलांस) ने अपनी तकनीकी टीम के साथ मिलकर कई अनसुलझे मामलों की गुत्थी सुलझाने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। लखनऊ कमिश्नरेट में उनकी कार्यशैली की प्रशंसा हर स्तर पर हो रही है।

“काशी को अपनी कर्म भूमि बताने वाले दीपक रनावत की सराहना अब लखनऊ कमिश्नरेट में हो रही है।” यह वाक्य साबित करता है कि एक खाकी वर्दी वाला यदि निष्ठा से कार्य करे, तो जनता और प्रशासन दोनों उसे सिर आँखों पर बिठाते हैं।

Sallauddin Ali

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