वाराणसी/उत्तरप्रदेश

काशी की गंगा आरती में दिखी देशभक्ति की अनूठी झलक

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वाराणसी। धर्मनगरी काशी में प्रतिदिन होने वाली विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती इस बार देशभक्ति के रंग में रंगी नजर आई। असि घाट पर मां गंगा सेवा समिति द्वारा आयोजित संध्या गंगा आरती में राष्ट्रप्रेम की भावनाएं पूरे वातावरण में महसूस की गईं। घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भक्ति के साथ-साथ देश के प्रति सम्मान और गर्व का भाव भी व्यक्त किया।

गंगा आरती स्थल को विशेष रूप से तिरंगे के स्वरूप में सजाया गया था। केसरिया, सफेद और हरे रंग की आकर्षक सजावट, फूलों और प्रकाश से पूरा घाट देशभक्ति की भावना से सराबोर नजर आया। जैसे ही आरती का शुभारंभ हुआ, घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने ‘भारत माता की जय’ के जयघोष के साथ मां गंगा का वंदन किया।

इस अवसर पर 7 अर्चकों ने विधि-विधान से मां गंगा की आरती की। अर्चकों ने शंखनाद, घंटा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा से देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और अखंडता की कामना की। आरती के दौरान दीपों की रोशनी और धूप-अगरबत्ती की सुगंध से घाट का वातावरण अलौकिक हो उठा।

कार्यक्रम में वीर शहीदों को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। घाट पर आकर्षक रंगोली बनाकर शहीदों के सम्मान में दीप जलाए गए। यह दृश्य श्रद्धालुओं को भावुक कर गया और सभी ने मौन रखकर देश के लिए बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया।

गंगा आरती के दौरान मां गंगा सेवा समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ गीत गुनगुनाया। भक्ति और देशभक्ति का यह संगम घाट पर उपस्थित हर व्यक्ति के मन को छू गया। देशभक्ति के गीतों और जयघोष से पूरा असि घाट गूंज उठा।

कार्यक्रम में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बड़ी संख्या मौजूद रही। सभी ने इस अनूठी गंगा आरती की सराहना की और इसे काशी की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का जीवंत उदाहरण बताया। गंगा आरती के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि काशी की भक्ति परंपरा में देशप्रेम भी उतना ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

Sallauddin Ali

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