कामायनी संस्था की नाट्य प्रस्तुति ने माघ मेले में अश्वत्थामा हतो,नरो वा कुंजरो की अद्भुत प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोहा

वाराणसी :- सांस्कृतिक,सामाजिक एवं साहित्यिक संस्था कामायनी वाराणसी के कलाकारों ने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक परिषद के आह्वान पर प्रयागराज माघ मेला के अंतर्गत संस्कार भारती के मुक्ताकाशीय मंच पर नाटक “अश्वत्थामा हतो,नरो वा,कुंजरो वा” की भव्य प्रस्तुति से उपस्थित विशाल जनसमुदाय को भाव- विभोर कर दिया | स्मृति शेष प्रो. श्याम मोहन अस्थाना द्वारा लिखित नाटक महाभारत के युद्ध के उपरांत युधिष्ठिर के अंतर्द्वंद्व को बखूबी उजागर करता है | युद्ध के दौरान उनके द्वारा बोला गया वाक्य ‘अश्वत्थामा हतो,नरो वा,कुंजारो वा’ उनके मनोमस्तिष्क पर सदैव हावी रहता है जिससे वे जीवन पर्यंत उबर नहीं पाते | जिस महाबली योद्धा अश्वत्थामा के संबंध में यह अधूरा सत्य युधिष्ठिर द्वारा बोला गया वह युधिष्ठिर के धर्मराज होने को पाखंड बताता है और द्रौपदी सहित श्रीकृष्ण पर भी अनुत्तरित प्रश्नों की बौछार करता है | जाने- माने नाटककार अमलेश श्रीवास्तव के निर्देशन में नाटक अपने कथानक को बखूबी संप्रेषित करता दिखाई पड़ा | युधिष्ठिर की भूमिका में डॉ.जयंत रैना ने अंतर्द्वंद्व को प्रभावी ढंग से अभिनीत किया | युवा अभिनेता अमन श्रीवास्तव ने अश्वत्थामा की भूमिका के चरित्र को न केवल जीवंत किया बल्कि मुख्य पात्र के रूप में स्वयं को स्थापित किया |
अनुभवी अभिनेत्री कुसुम मिश्रा ने द्रौपदी के जीवन के विविध रंगों को अपने अभिनय से निखारा | श्रीकृष्ण की भूमिका में शिवम पाण्डेय के अभिनय ने साक्षात भगवान का दर्शन कराया संजय की भूमिका में अखिलेश सिंह ने अपनी अदाकारी से प्रभावित किया | सुश्री राजलक्ष्मी मिश्रा ने राजगायिका के सधे हुए सुरों के साथ विक्षिप्त स्त्री के बेसुरे चरित्र को आत्मसात कर प्रभावी अभिनय किया | प्रतिहारी की संक्षिप्त किंतु महत्वपूर्ण भूमिका के साथ उत्सव श्रीवास्तव ने अपनी विशेष छाप छोड़ी वरिष्ठ रंगकर्मी वीणा सहाय ने पात्रों के अनुरूप उनकी वेशभूषा और आकर्षक रूप सज्जा से अपने इस हुनर को भी प्रदर्शित किया |
संस्था के अध्यक्ष डॉ.दीपक कुमार के कुशल प्रबंधन से यह नाट्य प्रस्तुति अविस्मरणीय बन गई पार्श्व सहयोगी कैस अहमद ने अतुलनीय योगदान किया | मंचन के उपरांत उ.प्र.राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्रा ने निर्देशक अमलेश श्रीवास्तव का उत्तरीय भेंटकर अभिनंदन किया तथा सभी कलाकारों को प्रमाण पत्र प्रदान किया |
इस अवसर पर संस्कार भारती, प्रयागराज महानगर के पदाधिकारियों सहित संगठन मंत्री दीपक शर्मा,डॉ.अमृता चौरसिया, डॉ.इन्दु शर्मा,प्रमिला मिश्रा,सुधीर कुमार श्रीवास्तव,डॉ.ज्योति मिश्रा, विभव शंकर मिश्रा,विशाल इत्यादि की उपस्थिति विशेष उल्लेखनीय रही कार्यक्रम का संचालन सुधीर पाण्डेय ने किया ||





