कांवड़ यात्रा के चलते काशीपुर में भारी वाहन 8 से 16 फरवरी तक वर्जित, ये हैँ यातायात प्लान

काशीपुर / उत्तराखंड (नसरीन खान निशा ),,,,,
शारदीय कांवड़ यात्रा 2026 के दौरान शिवभक्त कांवड़ियों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस काशीपुर द्वारा काशीपुर, बाजपुर एवं गदरपुर क्षेत्र के लिए विशेष यातायात प्लान जारी किया गया है। यह यातायात व्यवस्था दिनांक 08 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 की प्रातः 7 बजे तक प्रभावी रहेगी।
इन मार्गों से आने वाले भारी वाहनों पर रहेगा प्रतिबंध
कांवड़ यात्रा अवधि में निम्नलिखित मार्गों से आने वाले भारी वाहन (ट्रक, डंपर, डीसीएम, पिकअप, ट्रैक्टर-ट्रॉली आदि) प्रतिबंधित रहेंगे—
धामपुर-बिजनौर से आने वाले भारी वाहन — नादेही व धामपुर बॉर्डर से आगे प्रतिबंधित
ठाकुरद्वारा से आने वाले भारी वाहन — सूर्या चौकी से आगे प्रतिबंधित
मुरादाबाद-टांडा से आने वाले भारी वाहन — चौकी पैगा से आगे प्रतिबंधित
बहेड़ी से आने वाले भारी वाहन — लोहिया पुल से आगे प्रतिबंधित
रामनगर से आने वाले भारी वाहन — चौकी प्रतापपुर से आगे प्रतिबंधित
हल्द्वानी से बाजपुर की ओर आने वाले भारी वाहन — चौकी बरहैनी से आगे प्रतिबंधित
मोतीपुरा से गदरपुर की ओर आने वाले भारी वाहन — मोतीपुरा मस्जिद से आगे प्रतिबंधित
नवाबगंज से गदरपुर की ओर आने वाले भारी वाहन — महतोश मोड़ से आगे प्रतिबंधित
भारी वाहनों के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्ग
जनपद बिजनौर से समन्वय स्थापित करने के उपरांत 08 फरवरी 2026 से एनएच-74 पर भारी वाहनों का आवागमन निम्न वैकल्पिक मार्गों से कराया जाएगा—
दोहरा → मुरादाबाद → संभल → अनुपशहर → हापुड़ → मेरठ → (दिल्ली / रुड़की / हरिद्वार)
के.वी.आर → ठाकुरद्वारा → मुरादाबाद → संभल → अनुपशहर → हापुड़ → मेरठ → (दिल्ली / रुड़की / हरिद्वार)
जसपुर → ठाकुरद्वारा → मुरादाबाद → संभल → अनुपशहर → हापुड़ → मेरठ → (दिल्ली / रुड़की / हरिद्वार)
***आवश्यक सेवाओं को दी गई छूट
दूध, गैस, फल-सब्ज़ी, पेट्रोलियम पदार्थ आदि आवश्यक सेवाओं से संबंधित वाहनों को प्रतिबंध से छूट प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त अन्य सभी प्रकार के भारी वाहनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा।
***यातायात पुलिस की अपील ###
यातायात पुलिस ने आम नागरिकों एवं वाहन चालकों से अपील की है कि वे जारी किए गए यातायात प्लान का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें। कांवड़ियों की संख्या एवं यातायात दबाव को देखते हुए समय व व्यवस्था में आवश्यकतानुसार परिवर्तन किया जा सकता है।
























