एफआईआर रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे आरोपी, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर, बिजनौर के शेरकोट थाने का मामला
एफआईआर रद्द कराने हाईकोर्ट पहुंचे आरोपी, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दायर, बिजनौर के शेरकोट थाने का मामला
प्रयागराज/बिजनौर, 25 फरवरी 2026।
बिजनौर जनपद के शेरकोट थाना क्षेत्र में दर्ज अपराध संख्या 32/2026 को लेकर आरोपियों ने एफआईआर निरस्तीकरण की मांग करते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय की शरण ली है। इस संबंध में क्रिमिनल मिस. रिट पिटीशन संख्या 3963/2026 दाखिल की गई है, जो वर्तमान में विचाराधीन है।
याचिका त्रिलोक सहित चार लोगों की ओर से दायर की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी शेरकोट तथा एक निजी पक्षकार को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में दर्ज एफआईआर को अवैधानिक और तथ्यों के विपरीत बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की है।
मामले की सुनवाई डिवीजन बेंच के समक्ष हुई, जहां इसे “फ्रेश लिस्ट” में सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि पिछली तिथि पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी और प्रकरण “लेफ्ट ओवर” हो गया, जिससे अब अगली तिथि पर सुनवाई की संभावना है।

याचिका में भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज मुकदमे को चुनौती दी गई है। साथ ही स्थगन प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया गया है, जिस पर न्यायालय के आदेश की प्रतीक्षा है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि न्यायालय प्रथम दृष्टया आरोपों में दम नहीं पाता है तो एफआईआर को निरस्त किया जा सकता है, अन्यथा जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।
अब सभी की निगाहें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां न्यायालय इस प्रकरण में महत्वपूर्ण आदेश पारित कर सकता है।
























