ईदगाह कमेटी के पूर्व खजांची अलहाज अब्दुल गफ्फार अंसारी का इंतकाल।

रिपोर्टर विकास सिंह
ईदगाह कमेटी के पूर्व खजांची अलहाज अब्दुल गफ्फार अंसारी का इंतकाल।
नूरपुर। ईदगाह कमेटी के पूर्व खजांची अलहाज अब्दुल गफ्फार अंसारी (पिजनिया वाले) पुत्र स्वर्गीय अलहाज अब्दुल सत्तार का लंबी बीमारी के बाद 77 वर्ष की आयु में इंतकाल हो गया। वह मोहल्ला गांधी के निवासी थे और नमाज़-रोज़े के पाबंद, नेक व मिलनसार इंसान के रूप में जाने जाते थे।मरहूम मौलाना अब्दुल जब्बार और हाफिज़ मोहम्मद जर्रार के वालिद थे।

नमाज़-ए-जनाज़ा तबलीगी जमात के जिला ज़िम्मेदार मौलाना शरीफ अहमद मकसूदपुरी ने अदा कराई, जिसके बाद उन्हें उनके आबाई कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।जनाज़े में ईदगाह कमेटी के मौजूदा सदर अलहाज मोहम्मद महमूद अंसारी, नायब सदर मास्टर मोहम्मद इलियास मकरानी, खजांची अलहाज नफीस अहमद मंसूरी, सचिव अलहाज मोहम्मद खालिद मकरानी, पूर्व चेयरमैन अलहाज इरशाद अली अंसारी, शहर इमाम मौलाना मोहम्मद अली खादमी, मौलाना मोहम्मद फरकान, मौलाना मोहम्मद सलमान, मुफ्ती मोहम्मद नवीद (इमाम सुनहरी मस्जिद), मौलाना अबरार अहमद कासमी, मुफ्ती मोहम्मद सलमान कासमी, हाजी मोहम्मद उस्मान अंसारी रवानगी,हकीम असरारुल हक नूरपुरी, पूर्व प्रदेश मंत्री अलहाज कुतुबुद्दीन अंसारी सहित बड़ी संख्या में उलेमा, समाजसेवी और नगरवासी मौजूद रहे।सभी ने मरहूम के लिए ईसाल-ए-सवाब किया और परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। मरहूम अपने पीछे 6 बेटे और 5 बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।






