आवारा कुत्तों से मिलेगी निजात, मेयर बाली ने उठाए ठोस कदम

काशीपुर / उत्तराखंड,,, नगर निगम क्षेत्र में फैले आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर अब लगाम लगनी तय है। महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में नगर निगम प्रशासन ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए काशीपुर पशु चिकित्सालय परिसर में स्थापित एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर को पूरी सक्रियता से संचालित कर दिया है।
महापौर दीपक बाली ने सोमवार को इस केंद्र का निरीक्षण किया और यहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव कुमार ने केंद्र की कार्यप्रणाली और सामने आ रही तकनीकी व संसाधन संबंधी समस्याओं की जानकारी दी, जिनके त्वरित समाधान का आश्वासन महापौर ने मौके पर ही दिया।
उन्होंने तुरंत 8 विद्युत लाइटों की व्यवस्था कराई और विद्युत विभाग के अधिकारियों से बात कर बिजली संबंधी दिक्कतों को दूर कराया। महापौर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार शीघ्र ही कुत्तों के लिए एक स्थायी आश्रय स्थल का निर्माण इस कैंपस में कराया जाएगा।
. शिव कुमार ने जानकारी दी कि अगस्त माह में शुरू हुए इस केंद्र में अब तक करीब 700 कुत्तों का बधियाकरण (Sterilization) किया जा चुका है। सभी कुत्तों को रेबीज रोधी इंजेक्शन लगाने के बाद उन्हीं स्थानों पर छोड़ा जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। प्रतिदिन औसतन 15 कुत्तों का बधियाकरण किया जाता है। वर्तमान में केंद्र में 85 कुत्तों के रखने की क्षमता है।
महापौर ने कहा, “काशीपुर नगर निगम क्षेत्र में लगभग 8 से 10 हजार आवारा कुत्ते हैं, जो नागरिकों के लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। नगर निगम की टीम लगातार शहर के विभिन्न इलाकों में जाकर कैचिंग वाहन से कुत्तों को पकड़कर यहां ला रही है। अभी समय जरूर लगेगा, लेकिन वह दिन दूर नहीं जब काशीपुर की सड़कों से आवारा कुत्तों की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।”
उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि “यह जनभागीदारी का विषय है, इसलिए सभी लोग नगर निगम की टीम को सहयोग करें ताकि शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाया जा सके।”

केंद्र में कार्यरत टीम में विनोद कुमार, पप्पू चंद्रा, राजेश, राम अवतार, सुरेंद्र कुमार, असिस्टेंट मैनेजर शशांक कुमार दुबे और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिव कुमार शामिल हैं। इस केंद्र की स्थापना करीब 35 लाख रुपये की लागत से की गई है, जिसमें फर्नीचर, कैचिंग वाहन, आवश्यक उपकरण और विद्युत व्यवस्था की सुविधा महापौर दीपक बाली के प्रयासों से पूरी की गई।

महापौर ने यह भी बताया कि सभी कुत्तों को स्वच्छ वातावरण और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है, ताकि किसी तरह की बीमारी या दुर्व्यवहार की संभावना न रहे। उन्होंने कहा कि रेबीज इंजेक्शन लगाए जाने के बाद यदि कोई कुत्ता काट भी लेता है, तो उससे गंभीर संक्रमण का खतरा नहीं रहेगा।
निरीक्षण के दौरान पार्षद दीपा पाठक, पुष्कर बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष मानवेंद्र ‘मानस’ चौधरी, समरपाल सिंह एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमरजीत सिंह साहनी भी मौजूद रहे।





