आवारा कुत्तों के हमले में 6 बकरियों की मौत-मुआवज़े की माँग-मामला मानवाधिकार आयोग पहुँचा

आवारा कुत्तों के हमले में 6 बकरियों की मौत-मुआवज़े की माँग-मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा
धामपुर/बिजनौर, संवाददाता।
धामपुर क्षेत्र के मोहल्ला बंदूकचियान में आवारा कुत्तों के हमले से एक पशुपालक की छह बकरियों की मौत का मामला अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोहल्ला बंदूकचियान निवासी सलमान उर्फ राजू, जो पशुपालन के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं, के घर में 24 मार्च की रात लगभग 20–25 आवारा कुत्तों का झुंड घुस गया। कुत्तों ने घर में बंधी छह बकरियों पर हमला कर उन्हें मार डाला। इस घटना में पीड़ित को करीब दो लाख रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।

बताया गया कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस संबंध में नगर पालिका को कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। दो दिन पूर्व एक महिला पर भी कुत्तों के हमले की घटना सामने आई थी।
इस मामले को सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. तारिक़ ज़की ने गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की है, जिसे आयोग ने स्वीकार करते हुए डायरी संख्या 2145/IN/2026 दर्ज कर ली है। याचिका में इसे प्रशासनिक लापरवाही का मामला बताते हुए पीड़ित को ₹5 लाख मुआवज़ा देने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि यह घटना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और आजीविका के अधिकार का उल्लंघन है। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए राज्य की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।
सूत्रों के अनुसार, आयोग द्वारा संबंधित प्रशासन से रिपोर्ट तलब किए जाने की संभावना है। यदि लापरवाही प्रमाणित होती है, तो पीड़ित को मुआवज़ा और अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों को पकड़ने, टीकाकरण एवं नसबंदी का अभियान चलाया जा रहा है और अब तक कई कुत्तों को पकड़ा जा चुका है। नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है।
क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए स्थानीय लोग भयभीत हैं और प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



























