उत्तरप्रदेश

आर०टी०ई० एक्ट (संशोधित) वर्ष 2017 और एन०सी०टी०ई० की अधिसूचना के प्रावधानों में संशोधन करने के लिए विरोध प्रदर्शन

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माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील सं01385/2025 में 01 सितम्बर 2025 को पारित आदेश में आर०टी०ई० अधिनियम 2009 लागू होने की तिथि से पूर्व नियुक्त एवं कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टेट पास करना अनितार्थ कर दिया गया है, अन्यथा सम्बन्धित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने और पदोन्नति से वंचित करने का निर्णय दिया गया है। मा० सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय देश की संसद द्वारा निर्मित आर०टी०ई० अधिनियम 2009 और एन०सी०टी०ई० की अधिसूचना दिनांक 23 अगस्त 2010 के विपरीत है। अब विधायिका द्वारा प्रदत्त विधान के विपरीत पारित इस आदेश के कारण देश के लगभग 25 लाख शिक्षकों की सेवांए खत्तरे में पड़ गयी है, और उनके परिवार का भविष्य असुरक्षित हो गया है। इसरो व्यथित और अक्रोशित होकर देश के विभिन्न शिक्षक संगठनों और महासंघों द्वारा शिक्षकों की भावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए एक मंच टीचर्स फेडरेश्न आफ इंडिया तैयार कर, भारत सरकार को पत्र लिखकर गांग की गयी है कि भारत सरकार हस्ताक्षेप करे और आवश्यतानुसार आर०टी०ई० एक्ट (संशोधित) वर्ष 2017 और एन०सी०टी०ई० की अधिसूचना के प्रावधानों में संशोधन करे।

श्री जितेन्द्र कुमार यादव, जिलाध्यक्ष, उ०प्र० प्राथमिक शिक्षक संघ गाजीपुर ने कहा कि आज के धरने के पूर्व टी०एफ०आई० के बैनर तले दो बार देश के सभी सांसदों को पत्र देकर यह मुद्दा संसद में उठाने का अनुरोध किया गया। गा० सांसदों द्वारा पुरजोर तरीके से संसद में मुद्दा उठाया भी। इसके पूर्व मा० प्रधानमंत्री भारत सरकार को भी जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन दिया जा चुका है। 22 फरवरी 2026 को टवीटर अभियान, 23 फरवरी से 25 फरवरी तक काली पटटी बांधकर इस काले कानून के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। आज शिक्षक बहुत मजबूर होकर, अपनी सेवा शर्तों को बचाने के लिए आन्दोलन को बाध्य हुआ है। यदि सरकार तुरन्त अध्यादेश लाकर शिक्षकों की सेवा शर्तों को नहीं बचाया, तो शिक्षक एक बड़े आन्दोलन के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्री राधेश्याम सिंह यादव ने कहा कि सभी शिक्षक संघ एकजुट हो गये है और शिक्षक भी आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके है। सरकार को अविलम्ब हस्ताक्षेप कर शिक्षकों की मांगों को मान लेना चाहिए।

महिला शिक्षक संघ की जिलाध्यक्ष सुश्री प्रीति सिंह ने सभी शिक्षकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह सरकार अंग्रेजों की फूट डालो राज करो की नीति पर चल रही थी, लेकिन अब शिक्षक समाज जाग चुका है और सभी शिक्षक एक मंच पर आकर सरकार से लड़ने के लिए कमर कस लिए है। सरकार को शिक्षकों की मागों को तुरन्त मान लेना चाहिए।

शिक्षकों को महातिम यादव, भगवती तिवारी, विरेन्द्र यादव, डा० मनोहर यादव, राजीव ओझा, कमलेश यादव, डा० राजेश सिंह, डा० राजेश यादव, गायत्री राय, ओमप्रकाश सिंह, डा० रवीन्द्र नाथ यादव, राजेश राम, सुप्रिया जायसवाल, आनन्द प्रकाश यादव, नीलम, विजेन्द्र यादव, दीपक जायसवाल, अरुण राय, जनार्दन यादव आदि ने सम्बोधित किया।

कार्यकम का संचालन कर रहे जिलामंत्री इसरार अहमद सिद्दीकी ने नो टी०ई०टी०-बिफोर आर०टी०ई०, सेवा सुरक्षा पर प्रहार-नहीं सहेंगे अत्याचार, हम सब है अनुभवी प्रशिक्षित-टेट की बाध्यता हमको वर्जित आदि नारों से शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते रहे।

हजारों की संख्या में उपस्थित शिक्षकगण करीब 2 बजे बी०एस०ए० कार्यालय से पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट गाजीपुर पहुंचे तथा मा० प्रधानमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन, जिलाधिकारी महोदय के प्रतिनिधि को सौपा। विशाल धरना एवं पैदल मार्च में हजारों की संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। सभी शिक्षकों ने दोनों हाथ उठाकर अपना समर्थन प्रदान किया

धरना कार्यक्रम का संचालन इसरार अहमद सिद्दीकी, जिलामंत्री उ०प्र० प्राथमिक शिक्षक संघ-गाजीपुर व अजय कुमार, जिलामंत्री उ०प्र० जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ-गाजीपुर द्वारा संयुक्त रुप से किया गया।

Sallauddin Ali

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